फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Haryana Government Planning to Launch Food Processing Scheme with Subsidy

हरियाणा में फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा, खेती के लिए नौ जिलों में नई योजना, 35% सब्सिडी

Sat, 30 May 2020 03:07 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 30 May 2020 03:07 PM IST
विज्ञापन
Haryana Government Planning to Launch Food Processing Scheme with Subsidy
कृषि - फोटो : पीटीआई
हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने जा रही हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें 35 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करती है, जिसका फायदा प्रदेश को ज्यादा से ज्यादा कैसे पहुंचाया जाए। इस संबंध में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की। दुष्यंत चौटाला चंडीगढ़ में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन


चौटाला ने बताया कि चार दिनों में प्रदेश सरकार ने करीब 60 बड़ी कंपनियों के साथ चर्चा की है, इनमें डेल, कोका कोला जैसी कई नामी कंपनियां शामिल है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सभी कंपनियों को हरियाणा में निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की लागू यूपी महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में टीओपी स्कीम को हरियाणा में भी लागू करने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश के सब्जी उगाने वाले किसानों को  योजना का फायदा पहुंचे।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आलू, प्याज और टमाटर उगाने वाले किसानों को केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद, स्टोरेज आदि के लिए सहायता प्रदान की जाती है। हरियाणा में टमाटर की खेती दादरी, भिवानी जिले में ज्यादा होती है तो वहीं प्याज की पैदावार पलवल और मेवात में अधिक की जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तरी हरियाणा में आलू कैथल, यमुनानगर, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र जिलों में होता है इसलिए इस योजना के लागू होने से प्रदेश किसानों को लाभ पहुंचेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत सभी 22 जिलों की फल एवं सब्जियों की उत्पादकता के अनुसार कलस्टर मैप तैयार कर 15 दिनों के अंदर-अंदर केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। एचएसआईडीसी के तहत औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए कैसे प्रदेश के युवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया करवाये जाएं, इसके लिए सरकार पूरा जोर दे रही है। चौटाला ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में है। धान की खेती पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed