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बारिश से जमीन पर बिछे टमाटर को लगा काला धब्बा रोग

Sat, 24 Aug 2019 05:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 24 Aug 2019 05:32 PM IST
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black spot infection in tomato in solan himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

जिला सोलन में हाल ही में हुई भारी बारिश से फसलें जमीन पर बिछने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अब मौसम खुलने और तेज धूप के बाद टमाटर में काला धब्बा रोग लग गया है। किसान रोजाना अपने खेत से 3 से 4 क्रेट काले दाग वाले टमाटर निकालकर फेंक रहे हैं। रातोंरात टमाटर के पूरे खेत में यह बीमारी फैल रही है। हालांकि, किसान इस रोग की रोकथाम के लिए कीटनाशक का भी छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन यह रोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

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किसानों की मानें तो इस बार टमाटर की फसल बहुत कम है। ऊपर से इसमें लगे रोग से भी फसल तबाह हो रही है। किसानों को इस वर्ष टमाटर के उम्दा दाम मिल रहे हैं लेकिन फसल में लग रहे रोग से उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक सड़ा हुआ टमाटर सभी को खराब कर रहा है। 
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खेतों में बिछ गई मक्की और टमाटर की फसल
जिला सोलन सहित बीबीएन क्षेत्र में हाल में हुई भारी बारिश से किसानों की मेहनत पर भी पानी फिर गया है। टमाटर, मक्की, शिमला मिर्च की फसल बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई थी। किसानों से सरकार और प्रशासन से उचित मुआवजा देने की भी गुहार लगाई है। बारिश के कारण टमाटर की बाड़ टूट चुकी थी। अब टमाटर में काले दाग की बीमारी लग रही है।
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टमाटर के पौधों से पत्तों की कटाई करें किसान
कृषि विभाग के सब्जी एवं पादप विभाग के विशेषज्ञ डॉ. संदीप कंसल ने बताया कि टमाटर में काले दाग की बीमारी रोकने को किसान पौधों से करीब 20 सेमी की ऊंचाई तक पत्तों को काट दें। यह रोग अधिक बारिश के बाद खेतों में पानी एकत्रित होने से लगता है।


खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें। किसान रिडोमिल एमजेड फफूंदनाशक और इंडोफिल एम 45 प्लस सैंडोविट 40 ग्राम 15 मिली पानी के साथ समय-समय पर साफ मौसम में 7-10 दिन बाद छिड़काव करें। बारिश के बाद छिड़काव स्टीकर डालकर करना चाहिए।

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