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Hindi News ›   Chandigarh ›   Agriculture, Organinc Farming Beneficial for Farmers and Public health

किसानों के लिए बड़े फायदे का सौदा है ऑर्गेनिक खेती और लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी, जानिए कैसे

Fri, 23 Aug 2019 10:17 AM IST
खुशबू गोयल नरिंदर वैद्य/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
नरिंदर वैद्य/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 23 Aug 2019 10:17 AM IST
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Agriculture, Organinc Farming Beneficial for Farmers and Public health
आर्गेनिक खेती - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
आपकी रसोई में जो गेहूं इस्तेमाल हो रहा है और जो सब्जियां पकाई जा रही हैं, क्या वह सेहत सुरक्षा की कसौटी पर खरी उतरती हैं? क्या आप जो फल खा रहे हैं, उसमें कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है? यह ऐसे सवाल हैं जो आज के समय में खुद से करना जरूरी हो गया है। इसका मुख्य कारण है कि आज हम जो सब्जियां, फल और गेहूं आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसको उगाने, पकाने के लिए पेस्टिसाइड दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो हमारे शरीर के लिए घातक सिद्ध हो रहा है।
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लेकिन अगर आप कुछ रुपये ज्यादा खर्च करें तो आपको ऑर्गेनिक सब्जियां, गेहूं, फल और अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ मिल सकते हैं जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है। पंजाब में ऑर्गेनिक खेती की बात करें तो पंजाब में यह खेती 6 से 7 हजार एकड़ में की जा रही है। ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान इसमें सब्जियां, फल, सरसों का तेल, गेहूं, गन्ना, चावल आदि की फसलें लगा रहे हैं। इसमें 90 प्रतिशत जो ऑर्गेनिक फसल उगाई जा रही है वह गेहूं, चावल और गन्ने की ही है। मात्र 10 प्रतिशत रकबा ऐसा है, जिस पर सब्जियों और फलों की खेती की जाती है।
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सब्जियों और फलों की खेती कम होने का कारण यह है कि सब्जियों व फलों की सेल के लिए कोई बड़ी मार्केट नहीं है। जिसमें किसान जाकर अपनी फसल बेच सकें। यह ही कारण है कि किसान ज्यादातर गेहूं, चावल और गन्ना उगाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। गेहूं, चावल और गन्ने की खरीद जल्द हो जाने के कारण किसान इनकी खेती करना ज्यादा फायदेमंद समझते हैं।
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दोगुने दाम पर बिकती है आर्गेनिक गेहूं, तेल और अन्य पदार्थ

ऑर्गेनिक गेहूं, तेल, सब्जियां, फल और अन्य चीजों की बात करें तो यह मार्केट में सामान्य चीजों से दोगुने रेट पर बिकती हैं। ऑर्गेनिक गेहूं की बात करें तो इसका मार्केट में रेट 40 से 45 रुपये किलो है। जबकि सामान्य गेहूं 21 से 22 रुपये किलो मिल जाती है। ऐसे ही सरसों का ऑर्गेनिक तेल 200 रुपये लीटर के करीब है। जबकि सामान्य तेल 110 रुपये लीटर के करीब है।

ऑर्गेनिक चावल 100 से 150 रुपये किलो के करीब है। जबकि सामान्य चावल की कई किस्में होने के कारण यह 70 से लेकर 150 रुपये किलो तक मिल जाते हैं। इसके अलावा मौसमी सब्जियां जैसे गोभी, भिंडी, घीया, कद्दू, खीरा, मूली आदि के ऑर्गेनिक दाम 30 से 40 प्रतिशत बढ़ जाते हैं। फलों में सेब, तरबूज, खरबूजा, आम, लीची, अनार आदि कई ऐसे फल हैं। जिनके दाम 25 से 30 प्रतिशत बढ़ जाते हैं।

किसानों के लिए फायदे का सौदा है ऑर्गेनिक खेती
इस ऑर्गेनिक खेती के बारे में खेती विरासत मिशन के राजीव कोहली का कहना है कि अभी तक ज्यादा किसान इस खेती में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। लेकिन किसानों के लिए ऑर्गेनिक खेती फायदा का सौदा है। इस खेती में आम खेती की जगह खर्च काफी कम आती है।

इसका कारण यह है कि इसमें न तो पेस्टिसाइड युक्त खाद डालने की जरूरत पड़ती है और न ही इसमें केमिकल या दवाओं का इस्तेमाल होता है। इसमें मात्र देसी खाद का इस्तेमाल होता है जो कि गोबर और अन्य देसी तरीकों से बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस खेती में मेहनत थोड़ा आम खेती से ज्यादा है, लेकिन इस ऑर्गेनिक खेती में मुनाफा भी आम खेती से ज्यादा होता है। 

किसानों को उनका बनता हक दिला रहा है केवीएम

ऑर्गेनिक खेती के बारे में किसानों को बताना, किसानों को बीज बीजने से लेकर फसल की कटाई तक उनको गाइड करना और मार्केट में उनकी फसल का सही मूल्य उनको दिलाने का कार्य इस समय खालसा विरासत मिशन कर रहा है। इस मिशन के सदस्य किसानों को उनकी ऑर्गेनिक खेती के तहत बीजाई की गई फसल को मार्केट तक पहुंचाने और किसान की फसल का सही मूल्य पर मिले, यह यत्न करते आ रहे हैं। इस संस्था से जुड़े काफी लोग किसानों की मदद करके इस ऑर्गेनिक खेती को पंजाब में बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। 
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