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दुर्घटना में घायल के इलाज में लापरवाही का आरोप
Hamirpur
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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हमीरपुर। सदर अस्पताल के चिकित्सकाें की लापरवाही से एक युवक जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। कानपुर के नर्सिंग होम में भर्ती युवक का इलाज कर रहे डाक्टरों का कहना है कि घायल को इलाज के लिए देर से लाया गया है। इस मामले में डा.नरेश विशाल का कहना है कि रणविजय सिंह के इलाज में कोई कमी नहीं रखी गई है। हालत में सुधार नहीं हुआ तो तभी उसे रेफर किया गया है।
नगर के पटकाना मोहल्ला के बलवीर सिंह सेंगर ने बताया कि भौली गांव निवासी उसका पारिवारिक नाती रणविजय सिंह 10/11 मई की रात भूसे से भरे ट्रैक्टर से गिरकर घायल हो गया था। उसके कान, नाक और शरीर के अन्य स्थानाें पर भी चोटें आई। उसी रात करीब डेढ़ बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी में तैनात डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती। आरोप है कि सुबह ड्यूटी पर आए सर्जन डा.नरेश विशाल ने भी घायल को खास तवज्जो नहीं दी और कहा कि ड्यूटी के बाद ही इलाज करने को कहा। इसके बाद घायल को जनरल वार्ड में भेज दिया गया। कान में दर्द ज्यादा होने की शिकायत सीएमएस से की गई तो उन्होंने कान नाक वाले डाक्टर को देखने को भेजा। जिस पर चिकित्सक ने घायल को देखने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कानपुर के एक नर्सिंग होम में उसका इलाज चल रहा है।
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नगर के पटकाना मोहल्ला के बलवीर सिंह सेंगर ने बताया कि भौली गांव निवासी उसका पारिवारिक नाती रणविजय सिंह 10/11 मई की रात भूसे से भरे ट्रैक्टर से गिरकर घायल हो गया था। उसके कान, नाक और शरीर के अन्य स्थानाें पर भी चोटें आई। उसी रात करीब डेढ़ बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी में तैनात डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरती। आरोप है कि सुबह ड्यूटी पर आए सर्जन डा.नरेश विशाल ने भी घायल को खास तवज्जो नहीं दी और कहा कि ड्यूटी के बाद ही इलाज करने को कहा। इसके बाद घायल को जनरल वार्ड में भेज दिया गया। कान में दर्द ज्यादा होने की शिकायत सीएमएस से की गई तो उन्होंने कान नाक वाले डाक्टर को देखने को भेजा। जिस पर चिकित्सक ने घायल को देखने के बाद कानपुर के लिए रेफर कर दिया। कानपुर के एक नर्सिंग होम में उसका इलाज चल रहा है।
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