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सूरज का कातिल शिकंजे में

Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
Bhadohi
Bhadohi Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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गोपीगंज। लालानगर स्थित टोल-टैक्स बैरियर के समीप कोइलरा मार्ग पर विगत पहली जनवरी को बरामद एक युवक की लाश हादसा नहीं बल्कि हत्या की परिणति थी। दवा के लेनदेन के विवाद में जौनपुर के नवढि़या थाने के भरहूपुर निवासी शिव आसरे सिंह ने अपनी पत्नी के चचेरे मामा इलाहाबाद निवासी काजू सिंह के साथ मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसका मोबाइल लेकर चले गए और कांड को हादसे की शक्ल देने के लिए शव को सड़क पर फेंक दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद मामले के वर्कआउट में जुटी पुलिस को चार महीने बाद ठोस कांक्रीट हाथ लगी है। मकतूल का मोबाइल पुलिस के लिए जरिया बन गया और एसओजी ने सर्विलांस की मदद से पड़ोसी जनपद जौनपुर के मडि़याहूं थाने के रामपुर से शिव आसरे को सूरज के मोबाइल के साथ धर दबोचा। हालांकि मामले का मुख्य आरोपी इलाहाबाद का काजू सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। बता दें कि पहली जनवरी को लालानगर टोल टैक्स बैरियर के पास कोइलरा मार्ग पर एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने उस समय इसे हादसा मानकर मुकदमा पंजीकृत किया था। लेकिन, तीन जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की बात सामने आने के बाद मामले को हत्या में कनवर्ट कर दिया गया। गिरफ्तार शिव आसरे ने पूछताछ में सूरज की मौत का राज खोला। गोपीगंज थानाध्यक्ष रमेश चौबे के मुताबिक मकतूल दवा का सप्लायर था। काजू सिंह ने उसकी एजेंसी से सर्वेश सिंह के नाम से दवा बुक कराई थी। दवा की डिलेवरी के लिए नाम का प्रमाण नहीं दे पाने के कारण सूरज ने दवा देने से इनकार कर दिया तो विवाद हो गया। बात आगे बढ़ी तो दोनों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को धारा 302, 404 और 34 आईपीसी के तहत जेल भेज दिया।
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