{"_id":"119-98708","slug":"Badaun-98708-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवतेरस: भक्तों ने भोले का किया जलाभिषेक"}
शिवतेरस: भक्तों ने भोले का किया जलाभिषेक
Badaun
Updated Sat, 26 Jul 2014 05:31 AM IST
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बदायूं। सावन माह की शिवतेरस पर शुक्रवार को शिवभक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सामान्य श्रद्धालुओं के अलावा भारी संख्या में कांवड़ियों ने भी मंदिरों में शिव भगवान को जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की। सूर्योदय से शुरू हुआ जलाभिषेक मुख्यत: चार घंटे तक किया गया। हालांकि भगवान शिव पर जल चढ़ाने का दौर दोपहर तक चलता रहा।
भोर से मंदिरों में जलाभिषेक को भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। शिवरात्रि पर जल चढ़ाने वाले कांवड़िए शिवभक्त रात में ही मंदिरों में पहुंच गए थे। उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना करके जल चढ़ाया। इधर सामान्य भक्तों का रेला भी जलाभिषेक को उमड़ना शुरू हो गया। सूर्योदय के बाद शहर के बिरूआवाड़ी मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, दरीबा मंदिर, नगला मंदिर में श्रद्धालु जुटने लगे। अवकाश होने के कारण महिला-पुरूष और बच्चों की भी भीड़ दिखी। हालांकि कई जगह शिवतेरस का त्योहार एक दिन पहले भी मना लिया गया। मुख्य तौर पर शुक्रवार को ही जल चढ़ाया गया। महिलाओं ने भी दोनों दिन उपवास रख मनोकामना पूरी होने की कामना की।
विद्वानों की मानें तो शिवतेरस का खासा महत्व है। इस दिन महाकाल अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। यह भगवान का विशेष दिन भी कहा जाता है। यही वजह है कि शिवभक्त सोमवार के अलावा इस दिन भी मंदिरों में जुटकर भगवान के दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं। शिवतेरस पर उमड़ने वाली भीड़ का आकलन करते हुए एक दिन पहले ही मंदिरों में साफ-सफाई और साज सज्जा कर दी गई थी।
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बिल्सी। शिवरात्रि पर भक्तों ने उपवास रखकर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मंदिरों में विशेष सजावट की गई। मंदिरों में शुक्रवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। इस्लामनगर बस स्टैंड पर अनुराग मालू एवं गोपाल असावा ने भंडारा किया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिरों में सुरक्षा के रहे कड़े बंदोवस्त
मंदिरों में जुटने वाले शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को शिवतेरस पर सुबह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुरुष महिलाओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने पुलिस व्यवस्था का कड़ा बंदोबस्त किया। शहर के बिरुआवाड़ी, हरप्रसादमंदिर, गौरीशंकर, दरीबा, नगला मंदिर में भी पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात रही। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव, जय भोले भंडारी तेरी महिमा है न्यारी के उद्घोष के साथ मंदिर पहुंचकर जल चढ़ाया।
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कांवड़ियों का जल भरने का सिलसिला जारी
दो सोमवार को जलाभिषेक करने और शिवतेरस पर भगवान शिव पर जल चढ़ाने के बावजूद भी हजारों की संख्या में कांवड़ियों का जल भरकर लाने का सिलसिला जारी है। भारी संख्या में कांवड़ियों का कछला से आना-जाना लगा हुआ है। सावन माह के दो सोमवार और हैं। इन दोनों सोमवार को भी कांवड़ियों का रेला उमड़ेगा।
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शिव-पार्वती के नृत्य पर झूमे कांवड़िए
उझानी (बदायूं)। सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए निकल रहे कांवड़ियों में शुक्रवार को गजब का उत्साह नजर आया। टोलियों में शामिल आसपास इलाके के कांवड़ियों ने रास्ते में खूब धूमधड़ाका किया। शिव-पार्वती बने कलाकारों ने कथक नृत्य पेश कर शिवभक्तों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया।
कछला गंगाघाट से जल भरने कर लौट रहे कांवड़ियों की टोलियों में मनोरंजक संसाधनों की भरमार नजर आने लगी है। बरेली में देवचरा की टोली में कांवड़ियों की संख्या खासी रही। विशालकाय कांवड़ को उन्होंने मनमोहक ढंग से सजाया था। बाजार में होकर कांवड़ निकली तो दुकानदारों ने भी साथ चल रहे कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। चित्रांश युवा क्लब के पदाधिकारियों में अध्यक्ष संदीप सक्सेना, अभिनव सक्सेना और इंद्रेश सक्सेना ने कांवड़ियों की जलसेवा की।
आंवला के कांवड़ियों की टोली में कलाकार भी शामिल थे। उन्होंने शिव-पार्वती बनकर चौक और चौराहों पर कथक नृत्य पेश किया। पी के शंकरजी की बूटी..., अंखियां खुल गईं निंदिया टूटी की हाईवे पर खूब धूम रही। कुछेक टोलियों ने रास्ते से जुड़े शिव मंदिरों में मत्था टेक कर पूजन कराया।
इंसेट
बाईपास से गुजारे कांवड़ियों के वाहन
उझानी। शुक्रवार को मंडी समिति मोड़ से पुलिस ने कांवड़ियों के वाहनों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मेटाडोर आदि का रूट डायवर्ट कर उन्हें बाईपास से होकर निकलवाया। पुलिस का इसके पीछे तर्क है कि मुख्य बाजार में जाम का माहौल न बने। जबकि कांवड़ियों का कहना है कि पुलिस ने दूसरी वजह से ऐसा कराया। एक दिन पहले तक कांवड़ियों के वाहनों को बाईपास होकर नहीं निकलवाया था।
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भोर से मंदिरों में जलाभिषेक को भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। शिवरात्रि पर जल चढ़ाने वाले कांवड़िए शिवभक्त रात में ही मंदिरों में पहुंच गए थे। उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना करके जल चढ़ाया। इधर सामान्य भक्तों का रेला भी जलाभिषेक को उमड़ना शुरू हो गया। सूर्योदय के बाद शहर के बिरूआवाड़ी मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, दरीबा मंदिर, नगला मंदिर में श्रद्धालु जुटने लगे। अवकाश होने के कारण महिला-पुरूष और बच्चों की भी भीड़ दिखी। हालांकि कई जगह शिवतेरस का त्योहार एक दिन पहले भी मना लिया गया। मुख्य तौर पर शुक्रवार को ही जल चढ़ाया गया। महिलाओं ने भी दोनों दिन उपवास रख मनोकामना पूरी होने की कामना की।
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विद्वानों की मानें तो शिवतेरस का खासा महत्व है। इस दिन महाकाल अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। यह भगवान का विशेष दिन भी कहा जाता है। यही वजह है कि शिवभक्त सोमवार के अलावा इस दिन भी मंदिरों में जुटकर भगवान के दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं। शिवतेरस पर उमड़ने वाली भीड़ का आकलन करते हुए एक दिन पहले ही मंदिरों में साफ-सफाई और साज सज्जा कर दी गई थी।
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बिल्सी। शिवरात्रि पर भक्तों ने उपवास रखकर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मंदिरों में विशेष सजावट की गई। मंदिरों में शुक्रवार सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई। इस्लामनगर बस स्टैंड पर अनुराग मालू एवं गोपाल असावा ने भंडारा किया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिरों में सुरक्षा के रहे कड़े बंदोवस्त
मंदिरों में जुटने वाले शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को शिवतेरस पर सुबह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुरुष महिलाओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन ने पुलिस व्यवस्था का कड़ा बंदोबस्त किया। शहर के बिरुआवाड़ी, हरप्रसादमंदिर, गौरीशंकर, दरीबा, नगला मंदिर में भी पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात रही। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव, जय भोले भंडारी तेरी महिमा है न्यारी के उद्घोष के साथ मंदिर पहुंचकर जल चढ़ाया।
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कांवड़ियों का जल भरने का सिलसिला जारी
दो सोमवार को जलाभिषेक करने और शिवतेरस पर भगवान शिव पर जल चढ़ाने के बावजूद भी हजारों की संख्या में कांवड़ियों का जल भरकर लाने का सिलसिला जारी है। भारी संख्या में कांवड़ियों का कछला से आना-जाना लगा हुआ है। सावन माह के दो सोमवार और हैं। इन दोनों सोमवार को भी कांवड़ियों का रेला उमड़ेगा।
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शिव-पार्वती के नृत्य पर झूमे कांवड़िए
उझानी (बदायूं)। सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए निकल रहे कांवड़ियों में शुक्रवार को गजब का उत्साह नजर आया। टोलियों में शामिल आसपास इलाके के कांवड़ियों ने रास्ते में खूब धूमधड़ाका किया। शिव-पार्वती बने कलाकारों ने कथक नृत्य पेश कर शिवभक्तों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया।
कछला गंगाघाट से जल भरने कर लौट रहे कांवड़ियों की टोलियों में मनोरंजक संसाधनों की भरमार नजर आने लगी है। बरेली में देवचरा की टोली में कांवड़ियों की संख्या खासी रही। विशालकाय कांवड़ को उन्होंने मनमोहक ढंग से सजाया था। बाजार में होकर कांवड़ निकली तो दुकानदारों ने भी साथ चल रहे कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। चित्रांश युवा क्लब के पदाधिकारियों में अध्यक्ष संदीप सक्सेना, अभिनव सक्सेना और इंद्रेश सक्सेना ने कांवड़ियों की जलसेवा की।
आंवला के कांवड़ियों की टोली में कलाकार भी शामिल थे। उन्होंने शिव-पार्वती बनकर चौक और चौराहों पर कथक नृत्य पेश किया। पी के शंकरजी की बूटी..., अंखियां खुल गईं निंदिया टूटी की हाईवे पर खूब धूम रही। कुछेक टोलियों ने रास्ते से जुड़े शिव मंदिरों में मत्था टेक कर पूजन कराया।
इंसेट
बाईपास से गुजारे कांवड़ियों के वाहन
उझानी। शुक्रवार को मंडी समिति मोड़ से पुलिस ने कांवड़ियों के वाहनों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मेटाडोर आदि का रूट डायवर्ट कर उन्हें बाईपास से होकर निकलवाया। पुलिस का इसके पीछे तर्क है कि मुख्य बाजार में जाम का माहौल न बने। जबकि कांवड़ियों का कहना है कि पुलिस ने दूसरी वजह से ऐसा कराया। एक दिन पहले तक कांवड़ियों के वाहनों को बाईपास होकर नहीं निकलवाया था।