{"_id":"119-89736","slug":"Badaun-89736-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली से पहले भगवतीपुर में भीषण अर्िग्नकांड"}
होली से पहले भगवतीपुर में भीषण अर्िग्नकांड
Badaun
Updated Mon, 17 Mar 2014 05:33 AM IST
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सिलहरी/ बदायूं। क्षेत्र के गांव भगवतीपुर की मढ़ैया में रविवार की सुबह चार बजे लगी आग ने पांच घरों को अपने आगोश में ले लिया। जिससे हाहाकार मच गया। लोगों ने आग बुझाने के लिए जान लड़ा दी लेकिन आग ने पांचों घरों को खाक में बदल दिया। इस भीषण अग्निकांड में तीन जानवरों की जलकर मौत हो गई, वहीं एक बुरी तरह झुलस जाने के कारण जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। एक मकान में गृहस्वामी समेत तीन लोग भी झुलस गए हैं। जिन पांच घरों में आग लगी, उसमें पहनने के कपड़े ही नहीं घर में रखा अन्न का एक दाना भी नहीं बचा। इसमें लगभग चार लाख की संपत्ति जलकर राख हो गई।
गांव वालों की माने तो गांव में जाग होने वाली थी। सुबह को लोग होली के पर्व मनाने की तैयारियाें की सोचते हुए उठने लगे थे। गांव में जल्दी ही जाग हो जाती है। देखा कि गांव के ही रामौतार पुत्र शंकर लाल के घर से आग की लपटें उठ रही हैं। ये देख लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। इस घर में रामौतार उसकी पत्नी रामवती, साला निवासी चोई नगला (सहसवान) ओमकार, बेटी सुमन, बेटा रूम सिंह सो रहे थे। चीख पुकार से उठ गए और आग देख हड़बड़ाकर बाहर की ओर भागे। ओमकार बच्चों को बाहर निकाल लाया। इसके बावजूद रामौतार, उसका साला ओमकार, पत्नी रामवती आग से झुलस गए। उसके घर में ही एक भैंस, दो बकरी और एक पड्डा बंधे थे। जिन्हें निकाला नहीं जा सका। जानवरों में केवल पड्डा ही बच सका लेकिन उसका शरीर पूरी तरह झुलस गया है और अंधा हो गया है। बाकी जानवर जिंदा जल गए। गांव वालों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर इन झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर होने के कारण रामौतार को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।
आग इतनी भीषण थी कि पड़ोस में रह रहीं विधवा वृद्धा हरप्यारी के घर को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। हरप्यारी मायके में अपने भतीजे तेजपाल के साथ रह रही हैं। इसके अलावा बलवीर सिंह पुत्र केदार सिंह, भागीरथ पुत्र केदार सिंह, केदार पुत्र तुर्सी सिंह के घरों ने भी आग पकड़ ली। भीषण आग पर गांव वाले काबू कर पाते कि तब तक इन घरों में कपड़े, वर्तन, अनाज, घरेलू सामान, इलेक्ट्रानिक सामान, नकदी समेत लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। बताते हैं कि गांव वाले अग्निशमन केंद्र को सूचना भी नहीं कर सके। इसलिए दमकल भी आग बुझाने को नहीं पहुंच सकी।
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अब कैसे हो पाएगी केदार की बिटिया की शादी
भगवतीपुर की मढ़ैया निवासी केदार की पुत्री की शादी अप्रैल में होने वाली है। बारात अलीगंज (बरेली) से आएगी। केदार ने अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर ली थी। दहेज में देने के लिए बैड, कुर्सी, सेफ, बक्सा, टीवी, कपड़ा आदि सब खरीदकर रख लिया था। गरीब तबके का होने के कारण उसने किसी तरह मेहनत मजदूरी कर यह सब सामान जुटाया था। आग में इन सभी के सपने भी जलकर खाक हो गए।
कादरचौक में आग से छह घर राख
कादरचौक। थाना क्षेत्र के गांव भमुईयां के छह घरों में शनिवार रात आग लग गई। इससे इन घरों में रखा काफी सामान जलकर राख हो गया। करीब तीन लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। शनिवार रात गांव निवासी कैलाश के घर में चाय बन रही थी। इसी दौरन चूल्हे से उठा लपट से आग लग गई। आग ने थोड़ी ही देर में उसके पूरे घर को खाक कर दिया। परिवार वाले अपनी जान बचाकर घर से भागे। इसके साथ ही आग ने पड़ोस में रहने वाले लोचन, श्यामलाल, सुखपाल, ओमकार तथा अमीर दूल्हा के घरों को भी जद में ले लिया। इससे इन घरों में रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने ही आपसी सहयोग से आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवारों के लोगों पर पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा।
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गांव वालों की माने तो गांव में जाग होने वाली थी। सुबह को लोग होली के पर्व मनाने की तैयारियाें की सोचते हुए उठने लगे थे। गांव में जल्दी ही जाग हो जाती है। देखा कि गांव के ही रामौतार पुत्र शंकर लाल के घर से आग की लपटें उठ रही हैं। ये देख लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। इस घर में रामौतार उसकी पत्नी रामवती, साला निवासी चोई नगला (सहसवान) ओमकार, बेटी सुमन, बेटा रूम सिंह सो रहे थे। चीख पुकार से उठ गए और आग देख हड़बड़ाकर बाहर की ओर भागे। ओमकार बच्चों को बाहर निकाल लाया। इसके बावजूद रामौतार, उसका साला ओमकार, पत्नी रामवती आग से झुलस गए। उसके घर में ही एक भैंस, दो बकरी और एक पड्डा बंधे थे। जिन्हें निकाला नहीं जा सका। जानवरों में केवल पड्डा ही बच सका लेकिन उसका शरीर पूरी तरह झुलस गया है और अंधा हो गया है। बाकी जानवर जिंदा जल गए। गांव वालों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर इन झुलसे लोगों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर होने के कारण रामौतार को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है।
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आग इतनी भीषण थी कि पड़ोस में रह रहीं विधवा वृद्धा हरप्यारी के घर को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। हरप्यारी मायके में अपने भतीजे तेजपाल के साथ रह रही हैं। इसके अलावा बलवीर सिंह पुत्र केदार सिंह, भागीरथ पुत्र केदार सिंह, केदार पुत्र तुर्सी सिंह के घरों ने भी आग पकड़ ली। भीषण आग पर गांव वाले काबू कर पाते कि तब तक इन घरों में कपड़े, वर्तन, अनाज, घरेलू सामान, इलेक्ट्रानिक सामान, नकदी समेत लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। बताते हैं कि गांव वाले अग्निशमन केंद्र को सूचना भी नहीं कर सके। इसलिए दमकल भी आग बुझाने को नहीं पहुंच सकी।
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अब कैसे हो पाएगी केदार की बिटिया की शादी
भगवतीपुर की मढ़ैया निवासी केदार की पुत्री की शादी अप्रैल में होने वाली है। बारात अलीगंज (बरेली) से आएगी। केदार ने अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर ली थी। दहेज में देने के लिए बैड, कुर्सी, सेफ, बक्सा, टीवी, कपड़ा आदि सब खरीदकर रख लिया था। गरीब तबके का होने के कारण उसने किसी तरह मेहनत मजदूरी कर यह सब सामान जुटाया था। आग में इन सभी के सपने भी जलकर खाक हो गए।
कादरचौक में आग से छह घर राख
कादरचौक। थाना क्षेत्र के गांव भमुईयां के छह घरों में शनिवार रात आग लग गई। इससे इन घरों में रखा काफी सामान जलकर राख हो गया। करीब तीन लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। शनिवार रात गांव निवासी कैलाश के घर में चाय बन रही थी। इसी दौरन चूल्हे से उठा लपट से आग लग गई। आग ने थोड़ी ही देर में उसके पूरे घर को खाक कर दिया। परिवार वाले अपनी जान बचाकर घर से भागे। इसके साथ ही आग ने पड़ोस में रहने वाले लोचन, श्यामलाल, सुखपाल, ओमकार तथा अमीर दूल्हा के घरों को भी जद में ले लिया। इससे इन घरों में रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने ही आपसी सहयोग से आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवारों के लोगों पर पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा।