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मौसम ने बदली करवट, लौटी ठंड
Badaun
Updated Sat, 22 Feb 2014 05:30 AM IST
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बदायूं। पिछले कुछ दिनों से मौसम रोजाना करवट बदल रहा है। शुक्रवार को सुबह लगा कि धूप निकलेगी, दिन खुशनुमा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दिन में हवाएं चलने के साथ ही आसमान बादलों से घिर गया, बूंदाबांदी भी हुई। जिससे एक बार फिर ठंड लौट आयी है। इससे लोग गर्म कपड़ों से ढके नजर आए। बाजारों से रौनक और आफिसों में फरियादी नजर नहीं आए।
सुबह से ही खराब हुए मौसम के कारण जहां शीत लहर चलती रही, वहीं रिमझिम बारिश के कारण सड़कों पर चिपचिप हो गई। टूटी सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया। भरी हुई नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल गया। जरूरी काम-काज से लोगाें का बाहर निकलना हुआ लेकिन बिना छाता लगाए नहीं निकल सके। आफिसों में फरियादी भी नदारद दिखे। लिपिकों ने पेंडिंग काम आसानी से निपटाए। बाजारों में सुबह जो भीड़ और चहल-पहल नजर आई वह मौसम बिगड़ने के साथ ही खत्म होती गई। ठेले-खोमचे वालों को पन्नियों को सहारा लेना पड़ा।
गेहूं के लाभकारी है मौसम
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं फसल के लिए यह मौसम बेहद अनुकूल है। हल्की बरसात से पौधों के पत्ते धुलेंगे और उनको मौसम खुलने पर सूर्य की रोशनी फायदा पहुंचाएगी। बरसात का पानी गेहूं के लिए बेहद लाभकारी है। इससे पौधों को नाइट्रोजन मिलेगी।
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गन्ने के लिए भी है अनुकूल
जिन लोगों ने गन्ना की बुवाई नहीं की है। उन्हें देरी जरूर होगी लेकिन हल्की बरसात से गन्ना की फसल को कोई नुकसान नहीं है। अगर, अधिक बरसात होती है तो गन्ना में कम रिकवरी निकलने की स्थिति आती है।
लाही और आलू को झेलने पड़ेगा नुकसान
जो लाही खेतों में खड़ी है उस पर विपरीत प्रभाव नहीं है लेकिन जो फसल काट ली गई है उसके नुकसान की आशंका है। इससे तेल खराब और स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक होगा। इसी प्रकार आलू के खेतों में किसानों ने जिन पौधों के पत्ते छांट दिए हैं। उनके तनों के जरिए पानी कंद तक पहुंचेगा और स्टोरेज करने के लायक आलू नहीं रह जाएगा। स्टोरेज के दौरान आलू सड़ भी सकता है।
दो दिन मौसम और रहेगा खराब
उझानी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि अभी दो दिन मौसम और खराब रह सकता है साथ ही बारिश भी हो सकती है। ऐसे में किसान फसलें काटने से पहले मौसम का इंतजार कर लें।
सुबह से ही खराब हुए मौसम के कारण जहां शीत लहर चलती रही, वहीं रिमझिम बारिश के कारण सड़कों पर चिपचिप हो गई। टूटी सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया। भरी हुई नालियों का गंदा पानी सड़क पर फैल गया। जरूरी काम-काज से लोगाें का बाहर निकलना हुआ लेकिन बिना छाता लगाए नहीं निकल सके। आफिसों में फरियादी भी नदारद दिखे। लिपिकों ने पेंडिंग काम आसानी से निपटाए। बाजारों में सुबह जो भीड़ और चहल-पहल नजर आई वह मौसम बिगड़ने के साथ ही खत्म होती गई। ठेले-खोमचे वालों को पन्नियों को सहारा लेना पड़ा।
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गेहूं के लाभकारी है मौसम
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार गेहूं फसल के लिए यह मौसम बेहद अनुकूल है। हल्की बरसात से पौधों के पत्ते धुलेंगे और उनको मौसम खुलने पर सूर्य की रोशनी फायदा पहुंचाएगी। बरसात का पानी गेहूं के लिए बेहद लाभकारी है। इससे पौधों को नाइट्रोजन मिलेगी।
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गन्ने के लिए भी है अनुकूल
जिन लोगों ने गन्ना की बुवाई नहीं की है। उन्हें देरी जरूर होगी लेकिन हल्की बरसात से गन्ना की फसल को कोई नुकसान नहीं है। अगर, अधिक बरसात होती है तो गन्ना में कम रिकवरी निकलने की स्थिति आती है।
लाही और आलू को झेलने पड़ेगा नुकसान
जो लाही खेतों में खड़ी है उस पर विपरीत प्रभाव नहीं है लेकिन जो फसल काट ली गई है उसके नुकसान की आशंका है। इससे तेल खराब और स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक होगा। इसी प्रकार आलू के खेतों में किसानों ने जिन पौधों के पत्ते छांट दिए हैं। उनके तनों के जरिए पानी कंद तक पहुंचेगा और स्टोरेज करने के लायक आलू नहीं रह जाएगा। स्टोरेज के दौरान आलू सड़ भी सकता है।
दो दिन मौसम और रहेगा खराब
उझानी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुन सिंह ने बताया कि अभी दो दिन मौसम और खराब रह सकता है साथ ही बारिश भी हो सकती है। ऐसे में किसान फसलें काटने से पहले मौसम का इंतजार कर लें।