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Hindi News ›   ›   अनेक सिंह हत्याकांड में दो भाइयों को उम्रकैद

अनेक सिंह हत्याकांड में दो भाइयों को उम्रकैद

Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
Badaun
Badaun Updated Thu, 20 Dec 2012 05:31 AM IST
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बदायू न्यायालय अपर सेशन जज (षष्टम)एसएन त्रिपाठी ने अनेक सिंह हत्याकांड आरोपी दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उम्रकैद के अलावा दोनों पर 43-43 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
घटना थाना जरीफनगर क्षेत्र के गांव बस्तोई सीकरी की है। बताते हैं कि सत्यवीर और आरोपी नवाब सिंह की जेल में एक मुकदमे को लेकर कहासुनी हुई थी। जब दोनों छूटकर गांव आएतो सत्यवीर के चाचा अनेक सिंह ने नवाब सिंह से जेल में हुई कहासुनी की शिकायत की। इस पर वह आग बबूला हो गया था और अपने भाई ऋषिपाल सिंह के साथ अनेक सिंह को गाली-गलौज कर मारपीट पर उतारू हो गया। नवाब सिंह और ऋषिपाल ने कहा कि तू सत्यवीर की बहुत पैरवी कर रहा है। सत्यवीर को तो बाद में देखेंगे पहले हम तेरा ही काम तमाम कर देंगे।
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गांव वालों ने उस समय बीचबचाव करा दिया था, लेकिन दो दिन बाद पांच मई 2009 की सुबह को अनेक सिंह, पत्नी कांती देवी, लालाराम सहित वादी सत्यवीर सिंह आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी आरोपी नवाब अपने भाई ऋषिपाल सिंह के साथ आये। ऋषिपाल के ललकारने पर नवाब सिंह ने फायर किया जो अनेक सिंह की पीठ पर लगा। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनेक सिंह के हत्या के आरोप में दोषी पाकर नवाब सिंह और भाई ऋषिपाल को उम्र कैद तथा 43-43 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता जीएस गुप्ता ने की।
गैंगस्टर में दो सगे भाईयों को आठ साल की कैद
बदायूं। स्पेशल जज (गैंगस्टर एक्ट) चंद्रपाल सिंह ने गिरोह बनाकर आपराधिक कृत्य करने के आरोपी दो हिस्ट्रीशीटर भाइयों को आठ-आठ वर्ष कैद सहित पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में तीसरे आरोपी को बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना गुन्नौर के पुलिस रिकार्ड में दिल्लीपुर गांव के भूरा का संगठित गिरोह है। जो क्षेत्र में संगीन वारदातों को अंजाम देकर रकम पैदा करता है। इलाके में इस गिरोह की खासी दहशत है।
भूरा के अलावा उसका भाई चरन सिंह सहित चंद्रपाल भी गिरोह के सदस्य हैं। पुलिस रिकार्ड में दर्ज हत्या जानलेवा हमला जैसे कई जघन्य अपराधों में आरोपियों को अदालतों से सजा हो चुकी है। आरोपियों का हिस्ट्री चार्ट के आधार पर गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तुत आरोप पत्र के आधार पर मुकदमा चलाया गया।

विद्वान न्यायाधीश श्री सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई के उपरांत जघन्य अपराधों में नामजद एवं सजायाफ्ता आरोपी भूरा, चरन सिंह सगे भाई को आठ-आठ वर्ष कैद सहित पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा का दंड दिया है। वहीं तीसरे आरोपी चंद्रपाल को बरी किया गया है। अभियोजना पक्ष की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी वीपी श्रीवास्तव ने की।
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