{"_id":"1-41315","slug":"Badaun-41315-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली शेड्यूल फेल, भीषण गर्मी में मचा हाहाकार "}
बिजली शेड्यूल फेल, भीषण गर्मी में मचा हाहाकार
Badaun
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। शासन के निर्देश पर बिजली विभाग के अफसरों ने दावा किया था कि जिले में 22 घंटे बिजली मिलेगी, लेकिन यह दावा एक दिन भी पूरा नहीं हो सका। उपभोक्ताओं को बमुश्किल हर रोज 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। इसके अलावा लो-वोल्टेज की समस्या भी लोगों को काफी परेशान किए हुए है। बिजली आपूर्ति का शेड्यूल तो यही है कि शाम चार से छह बजे ही बिजली कटौती होगी। इसके अलावा 22 घंटे उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलनी चाहिए। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति का कोई समय नहीं हैं। कब आए और कब चली जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। इधर, भीषण गर्मी में रात को 12 से सुबह तक हो रही बिजली कटौती ने तो लोगों की नींद खराब कर दी है। इतना ही नहीं दिन में भी ट्रिपिंग ने लोग बेहाल है। लोग गर्मी में परेशान रहे। मच्छरों के कारण छतों पर भी लोग नहीं सो सके। पटियाली सराय, शहवाजपुर, कूंचापांडा, टिकटगंज, नई सराय, मीरा जी की चौकी, सिविल लाइन, नेकपुर, महाराज नगर सहित कई मोहल्लों में लो-वोल्टेज की समस्या से लोग परेशान हैं।
हादसे को दावत दे रहा जमीन पर रखा ट्रांसफार्मर
11 बीडीएन-1
शहर के मोहल्ला टिकटगंज में मुख्य सड़क के किनारे ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा हुआ है। बरसात के समय जब पानी भरता है तो यहां कई बार करंट उतर चुका है। पिछले बार भी कई पशु इसकी चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। गांधी पार्क के पास एक पोल में पिछले साल बरसात में करंट उतर आने से तीन सुअर मर गए थे।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
शेड्यूल के हिसाब से नहीं मिल रही बिजली
शेड्यूल 22 घंटे का है, लेकिन बिजली बमुश्किल 15 घंटे ही मिल रही है। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से लोग परेशान हैं। कटौती से समय पसीने से तर-बतर लोग राहत पाने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
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रविंद्र वार्ष्णेय, महिला अस्पताल के पास
छत पर नहीं सोने देते मच्छर
रात को कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। बिजली जाने के बाद छत पर सोना मजबूरी है लेकिन छत पर मच्छर इतने लगते हैं कि चैन की नींद लेना मुहाल हो जाता है।
पुरुषोत्तम सिंह, महाराजनगर
ट्रिपिंग की समस्या का नहीं हो रहा समाधान
ट्रिपिंग की समस्या रहती है। अफसरों को बताने के बाद भी हल नहीं होती। इसके अलावा बिजली कटौती भी बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग ध्यान नहीं दे रहा।
बगीस, लालपुल
आए दिन होने वाली फाल्ट बनी मुसीबत
एक तो बिजली आपूर्ति की हालत खराब है और उस पर आए दिन होने वाली लोक फाल्ट से भी समस्या बढ़ गई है। बिजली विभाग पुराने जर्जर व खस्ताहाल उपकरण बदल नहीं रहा।
योगेंद्र, जोगीपुरा
जितनी बिजली दी जा रही है, उतनी सप्लाई हो रही है। रही बात लोकल फाल्ट की तो शिकायत मिलने पर उसका निस्तारण किया जाता है।
पीके जैन, अधिशासी अभियंता, बिजली खंड प्रथम
गर्मी बढ़ने से साथ लोकल फाल्ट ने रुलाया
बदायूं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली भी रुलाने लगी है। बिजली की मांग बढ़ने से विभाग के पुराने और जर्जर उपकरण हांफने शुरू हो गए हैं। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं लोकल फाल्ट की समस्याओं से लोग परेशान हैं। विभाग हमेशा की तहर इस गर्मी में मस्त हैं और बिजली व्यवस्था की बदहाली से उपभोक्ता त्रस्त है।
दातागंज। विद्युत अव्यवस्था के शिकार दातागंज क्षेत्र की समस्या का निराकरण होने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है। जर्जर विद्युत लाइनें और उपकरण लोड़ पड़ते ही फुंक जाते हैं। पिछले आठ-दस दिनों से कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र को चार घंटे बिजली ही मिल पा रही है। इन चार घंटों में भी कई बार ट्रिपिंग होती है। मोबाइल चार्ज करने को बैटरी आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। दो दिन पहले गुस्साए नागरिकों ने बिजली घर का घेराव करके विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला था, लेकिन व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ लेकिन बाद हालत फिर जस की तस हो गई। इस संदर्भ में विद्युत विभाग अधिशासी अभियंता-तृतीय नंदलाल से फोन पर बात की तो उन्होंने भी समस्या का स्थाई इलाज होना संभव होना जल्द मुमकिन नहीं है। लोड पड़ते ही लाइन टूट जाती हैं। दिन में तो टूटे तार जुड़ सकते है लेकिन रात में नहीं। किसी उपकेंद्र की बिजली रोककर लोड हल्का करके काम चला रहे है।
नाधा। गांव शादीपुर में बिजली आपूर्ति 16 दिनों से ठप पड़ी हुई। बिजलीघर पर कर्मचारियों से संपर्क करने कहा कि बिजलीघर की ओसीबी फुंक गई है। इधर, नई तकनीकी के राजीव गांधी विद्युत परियोजना को लगे छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर फुंक जाने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कस्बे के बदन सिंह, यशपाल, राजपाल, जमुना प्रसाद, वीरपाल यादव, रिषीपाल, जगदीश यादव, चरनसिंह यादव आदि ने डीएम से कार्रवाई की मांग की।
ककराला। नगर में कई दिनों से बिजली आपूर्ति न मिलने से भीषण गर्मी में हाहाकार मचा हुआ है, जिससे पेयजल की दिक्कत भी बनी है। बिजली ने मिलने से पेयजल की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को मजबूरन बाहर से हैंडपंप के जरिए पानी लाना पड़ रहा है। उधर, बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने यह चेतावनी दी है कि सुधार न हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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हादसे को दावत दे रहा जमीन पर रखा ट्रांसफार्मर
11 बीडीएन-1
शहर के मोहल्ला टिकटगंज में मुख्य सड़क के किनारे ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा हुआ है। बरसात के समय जब पानी भरता है तो यहां कई बार करंट उतर चुका है। पिछले बार भी कई पशु इसकी चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। गांधी पार्क के पास एक पोल में पिछले साल बरसात में करंट उतर आने से तीन सुअर मर गए थे।
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क्या कहते हैं उपभोक्ता
शेड्यूल के हिसाब से नहीं मिल रही बिजली
शेड्यूल 22 घंटे का है, लेकिन बिजली बमुश्किल 15 घंटे ही मिल रही है। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से लोग परेशान हैं। कटौती से समय पसीने से तर-बतर लोग राहत पाने के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।
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रविंद्र वार्ष्णेय, महिला अस्पताल के पास
छत पर नहीं सोने देते मच्छर
रात को कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। बिजली जाने के बाद छत पर सोना मजबूरी है लेकिन छत पर मच्छर इतने लगते हैं कि चैन की नींद लेना मुहाल हो जाता है।
पुरुषोत्तम सिंह, महाराजनगर
ट्रिपिंग की समस्या का नहीं हो रहा समाधान
ट्रिपिंग की समस्या रहती है। अफसरों को बताने के बाद भी हल नहीं होती। इसके अलावा बिजली कटौती भी बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग ध्यान नहीं दे रहा।
बगीस, लालपुल
आए दिन होने वाली फाल्ट बनी मुसीबत
एक तो बिजली आपूर्ति की हालत खराब है और उस पर आए दिन होने वाली लोक फाल्ट से भी समस्या बढ़ गई है। बिजली विभाग पुराने जर्जर व खस्ताहाल उपकरण बदल नहीं रहा।
योगेंद्र, जोगीपुरा
जितनी बिजली दी जा रही है, उतनी सप्लाई हो रही है। रही बात लोकल फाल्ट की तो शिकायत मिलने पर उसका निस्तारण किया जाता है।
पीके जैन, अधिशासी अभियंता, बिजली खंड प्रथम
गर्मी बढ़ने से साथ लोकल फाल्ट ने रुलाया
बदायूं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली भी रुलाने लगी है। बिजली की मांग बढ़ने से विभाग के पुराने और जर्जर उपकरण हांफने शुरू हो गए हैं। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं लोकल फाल्ट की समस्याओं से लोग परेशान हैं। विभाग हमेशा की तहर इस गर्मी में मस्त हैं और बिजली व्यवस्था की बदहाली से उपभोक्ता त्रस्त है।
दातागंज। विद्युत अव्यवस्था के शिकार दातागंज क्षेत्र की समस्या का निराकरण होने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है। जर्जर विद्युत लाइनें और उपकरण लोड़ पड़ते ही फुंक जाते हैं। पिछले आठ-दस दिनों से कस्बा और ग्रामीण क्षेत्र को चार घंटे बिजली ही मिल पा रही है। इन चार घंटों में भी कई बार ट्रिपिंग होती है। मोबाइल चार्ज करने को बैटरी आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। दो दिन पहले गुस्साए नागरिकों ने बिजली घर का घेराव करके विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस भी निकाला था, लेकिन व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ लेकिन बाद हालत फिर जस की तस हो गई। इस संदर्भ में विद्युत विभाग अधिशासी अभियंता-तृतीय नंदलाल से फोन पर बात की तो उन्होंने भी समस्या का स्थाई इलाज होना संभव होना जल्द मुमकिन नहीं है। लोड पड़ते ही लाइन टूट जाती हैं। दिन में तो टूटे तार जुड़ सकते है लेकिन रात में नहीं। किसी उपकेंद्र की बिजली रोककर लोड हल्का करके काम चला रहे है।
नाधा। गांव शादीपुर में बिजली आपूर्ति 16 दिनों से ठप पड़ी हुई। बिजलीघर पर कर्मचारियों से संपर्क करने कहा कि बिजलीघर की ओसीबी फुंक गई है। इधर, नई तकनीकी के राजीव गांधी विद्युत परियोजना को लगे छोटे-छोटे ट्रांसफार्मर फुंक जाने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कस्बे के बदन सिंह, यशपाल, राजपाल, जमुना प्रसाद, वीरपाल यादव, रिषीपाल, जगदीश यादव, चरनसिंह यादव आदि ने डीएम से कार्रवाई की मांग की।
ककराला। नगर में कई दिनों से बिजली आपूर्ति न मिलने से भीषण गर्मी में हाहाकार मचा हुआ है, जिससे पेयजल की दिक्कत भी बनी है। बिजली ने मिलने से पेयजल की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को मजबूरन बाहर से हैंडपंप के जरिए पानी लाना पड़ रहा है। उधर, बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने यह चेतावनी दी है कि सुधार न हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।