{"_id":"119-105072","slug":"Badaun-105072-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"झंडी पूजन के साथ कल श्ाुरू हाोगा मेला ककोड़ा"}
झंडी पूजन के साथ कल श्ाुरू हाोगा मेला ककोड़ा
Badaun
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:34 AM IST
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कादरचौक। मिनी कुंभ से विख्यात मेला ककोड़ा में देवी मां का आशीर्वाद लेने और गंगा मैया के तट पर पड़ाव डालकर गंगा स्नान कर श्रद्धालु पुण्य प्राप्त करते हैं। सप्तमी तिथि 30 अक्तूबर को ककोड़ देवी मंदिर से झंडी पूजन के साथ मेला शुरू हो जाएगा। कार्य अधिकारी महावीर सिंह के अनुसार मंदिर पर जिला पंचायत के एएमए के साथ पूजन कर झंडी मेला प्रांगण में पहुंचेगी।
मेला परिसर में जिलाधिकारी, एसएसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ तमाम अधिकारियों द्वारा हवन पूजन कर गंगा मैया को अर्घ्य देकर झंडी की स्थापना होगी। आचार्य प्रवीण कुमार शास्त्री के अनुसार अपराह्न डेढ़ बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। आचार्य के अनुसार इस बार छह मुख्य स्नान पर्व के महत्व पूर्ण माने जा रहे हैं। सर्वप्रथम झंडी पूजन के दिन सप्तमी को पहला स्नान पर्व है। इस दिन सहस्त्रार्जुन जयंती पर स्नान पर्व का दिन होगा। सूर्य षष्ठी पुण्य के साथ पुत्रादि प्राप्ति का लाभ मिलता है। गोपाष्टमी को गौ पूजन के साथ गंगा स्नान का पर्व, अक्षय नवमी का पर्व समस्त पाप नाशक है। एकादशी को विशेष महत्व रहता है। इस दिन मेला में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन भीष्म पंचक के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू किया जाता है।
आज से घटेगा गंगा का जलस्तर
बाढ़ खंड के जेई दिलशाद के अनुसार बुधवार से जलस्तर कम होने लगेगा। अब तक 10 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। इसके मेला स्थल तक पहुंचने में 24 घंटे का समय लगेगा, इसलिए बुधवार को जलस्तर घट जाएगा।
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घाट पूरब की ओर बढ़ाया
लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के कारण घाट लगभग तीन सौ मीटर पूरब की ओर बढ़ा दिया गया है। इसके लिए अलग से रोड भी तैयार कराना पडे़गा। घाट के समतलीकरण का काम भी शुरू हो गया है।
पुलिस में आपसी सामंजस्य नहीं
मेला क्षेत्र कादरचौक थाना में आता है लेकिन पुलिस के आपसी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। मेला की ड्यूटी आने से क्राइम क्षेत्र तो इसी थाने का है लेकिन कोई न तो गश्त करने जाता है और न ही कोई सहयोग मिल रहा है। यहां तक कि मेला ड्यूटी पर आए पुलिस बल की आमद तक नहीं कराई गई है।
मेला स्थल पहुंचा टेंट का सामान
मेला ककोड़ा में टेंट का सामान आगरा से पहुंच गया है। कोतवाली बन कर तैयार हो गईं। सिरकी पाल का काम भी शुरू हो गया है लेकिन अभी तक कासगंज की रोड और साफ सफाई का काम धीमी गति से चल रहा है।
मधुसूदनाचार्य के परिसर का स्थान तय
देवचरी वाले महाराज के रूप में विख्यात संत स्वामी मधूसूदनाचार्य ने मेला में जगह तलाश ली है। स्वामी जी द्वारा मेला में तीन दिन का यज्ञ और पांच दिन का अन्नक्षेत्र रहेगा।
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मेला परिसर में जिलाधिकारी, एसएसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ तमाम अधिकारियों द्वारा हवन पूजन कर गंगा मैया को अर्घ्य देकर झंडी की स्थापना होगी। आचार्य प्रवीण कुमार शास्त्री के अनुसार अपराह्न डेढ़ बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। आचार्य के अनुसार इस बार छह मुख्य स्नान पर्व के महत्व पूर्ण माने जा रहे हैं। सर्वप्रथम झंडी पूजन के दिन सप्तमी को पहला स्नान पर्व है। इस दिन सहस्त्रार्जुन जयंती पर स्नान पर्व का दिन होगा। सूर्य षष्ठी पुण्य के साथ पुत्रादि प्राप्ति का लाभ मिलता है। गोपाष्टमी को गौ पूजन के साथ गंगा स्नान का पर्व, अक्षय नवमी का पर्व समस्त पाप नाशक है। एकादशी को विशेष महत्व रहता है। इस दिन मेला में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दिन भीष्म पंचक के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू किया जाता है।
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आज से घटेगा गंगा का जलस्तर
बाढ़ खंड के जेई दिलशाद के अनुसार बुधवार से जलस्तर कम होने लगेगा। अब तक 10 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। इसके मेला स्थल तक पहुंचने में 24 घंटे का समय लगेगा, इसलिए बुधवार को जलस्तर घट जाएगा।
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घाट पूरब की ओर बढ़ाया
लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर के कारण घाट लगभग तीन सौ मीटर पूरब की ओर बढ़ा दिया गया है। इसके लिए अलग से रोड भी तैयार कराना पडे़गा। घाट के समतलीकरण का काम भी शुरू हो गया है।
पुलिस में आपसी सामंजस्य नहीं
मेला क्षेत्र कादरचौक थाना में आता है लेकिन पुलिस के आपसी मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। मेला की ड्यूटी आने से क्राइम क्षेत्र तो इसी थाने का है लेकिन कोई न तो गश्त करने जाता है और न ही कोई सहयोग मिल रहा है। यहां तक कि मेला ड्यूटी पर आए पुलिस बल की आमद तक नहीं कराई गई है।
मेला स्थल पहुंचा टेंट का सामान
मेला ककोड़ा में टेंट का सामान आगरा से पहुंच गया है। कोतवाली बन कर तैयार हो गईं। सिरकी पाल का काम भी शुरू हो गया है लेकिन अभी तक कासगंज की रोड और साफ सफाई का काम धीमी गति से चल रहा है।
मधुसूदनाचार्य के परिसर का स्थान तय
देवचरी वाले महाराज के रूप में विख्यात संत स्वामी मधूसूदनाचार्य ने मेला में जगह तलाश ली है। स्वामी जी द्वारा मेला में तीन दिन का यज्ञ और पांच दिन का अन्नक्षेत्र रहेगा।