शी का 11 साल बाद अमेरिका जाना: ट्रंप से मुलाकात में दिखा भव्यता का असर; ठोस समझौतों की कमी, स्पष्ट सहमति नहीं
अमेरिका में हुई ट्रंप-शी की मुलाकात में भव्यता का असर दिखा। ठोस समझौतों की कमी के साथ-साथ एआई और ईरान युद्ध जैसे अहम मुद्दों पर स्पष्ट सहमति भी नहीं बनी। राजकीय सम्मान और समारोहों पर ज्यादा जोर रहा। अमेरिका-चीन व्यापार संघर्ष पर अस्थायी विराम जनवरी तक बढ़ा है।
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 11 साल बाद वॉशिंगटन में हुई औपचारिक मुलाकात भव्य स्वागत, राजकीय समारोहों और गर्मजोशी के लिए तो चर्चा में रही, लेकिन तीन दिवसीय यात्रा से कई बड़े वैश्विक मुद्दों पर ठोस समझौते सामने नहीं आए। दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार समझौते को जनवरी तक बढ़ाने पर सहमति जताई, लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जोखिम, ईरान युद्ध और अन्य विवादित मुद्दों पर किसी बड़े नए समझौते की घोषणा नहीं हुई। ट्रंप ने शी का एयरपोर्ट पर असामान्य रूप से विशेष स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच राजकीय रात्रिभोज हुआ और उनकी पत्नियों के साथ चाय का कार्यक्रम भी रखा गया। शी को राष्ट्रीय अभिलेखागार ले जाया गया। चीन की ओर से अटलांटा के चिड़ियाघर के लिए दो पांडा भेजने की घोषणा भी की गई। लेकिन कोई भी दूरगामी ठोस समझौता नहीं हो पाया।
व्यापार युद्ध पर जनवरी तक विराम
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और सीएनबीसी के अनुसार इस यात्रा का सबसे ठोस नतीजा अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार तनाव को कुछ समय के लिए टालना रहा। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के अनुसार दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार युद्धविराम को 10 जनवरी तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह समझौता पहले नवंबर में समाप्त होना था।पिछले वर्ष हुए समझौते के तहत अमेरिका ने चीन पर लगाए गए कुछ शुल्कों में कमी की थी, जबकि चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर लगाए गए कुछ नियंत्रणों को निलंबित किया था।हालांकि, कई चीन विशेषज्ञों ने छह महीने के विस्तार की उम्मीद जताई थी। ऐसे में करीब दो महीने का विस्तार दोनों देशों को अगले दौर की बातचीत के लिए सीमित समय देता है। अमेरिका और चीन के शीर्ष नेताओं की इस वर्ष एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन और जी-20 बैठक के दौरान दो और मुलाकातें प्रस्तावित हैं।चीन के आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ स्कॉट कैनेडी के अनुसार फिलहाल दोनों पक्ष तनाव को नियंत्रित रखना चाहते हैं, लेकिन नए साल के करीब पहुंचते-पहुंचते व्यापारिक मतभेद फिर सामने आ सकते हैं।
थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बचने का संदेश
शी जिनपिंग ने अमेरिका पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का उल्लेख किया। यह अवधारणा उस स्थिति को दर्शाती है, जब उभरती हुई शक्ति और मौजूदा प्रमुख शक्ति के बीच बढ़ता तनाव संघर्ष का कारण बन सकता है।शी ने कहा कि इस स्थिति से बचा जा सकता है। उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मुकाबला एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश जैसा होना चाहिए, न कि ऐसा संघर्ष जिसमें एक पक्ष की जीत और दूसरे की हार ही लक्ष्य हो।
चीनी विशेषज्ञ कुई शौजुन के अनुसार सैन्य टकराव से बचते हुए प्रतिस्पर्धा जारी रखने की यह सहमति द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है। हालांकि, यह बयान किसी नए औपचारिक समझौते में बदला है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं किया गया।
ताइवान और मध्य-पूर्व पर भी सीमित प्रगति
ताइवान का मुद्दा अमेरिका और चीन के बीच सबसे संवेदनशील विवादों में शामिल है। चीनी पक्ष के अनुसार शी ने अमेरिका से ‘ताइवान स्वतंत्रता’ का विरोध करने को कहा। हालांकि, इस यात्रा के दौरान ट्रंप ने ताइवान के मुद्दे पर कोई विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की।दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी चर्चा की। हालांकि, चीन के आधिकारिक विवरण में ईरान युद्ध का सीधे उल्लेख नहीं किया गया। चीन के मध्य-पूर्व मामलों के विशेष दूत झाई जुन ने सिंगापुर में कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत में मध्य-पूर्व एक बड़ा मुद्दा था और इस संबंध में बनी सहमति संघर्ष का तापमान कम करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
एआई पर बातचीत, लेकिन ठोस योजना नहीं
कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी दोनों नेताओं की बातचीत का एक अहम विषय रही, लेकिन इस क्षेत्र में कोई बड़ा ठोस समझौता सामने नहीं आया। ट्रंप ने शी के वॉशिंगटन पहुंचने से पहले कहा था कि वह एआई के मौजूदा स्वरूप को बदलना नहीं चाहते और चीन का रुख भी ऐसा ही है। इसके विपरीत शी ने कहा कि अमेरिका और चीन के पास एआई को मानव हित में विकसित और नियंत्रित करने की क्षमता और जिम्मेदारी दोनों हैं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई का विकास मानव नियंत्रण में रहना चाहिए और इसका इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए।
अमेरिका और चीन दोनों एक तरफ एआई के तेज विकास को बढ़ावा देना चाहते हैं और दूसरी तरफ इसके संभावित जोखिमों को लेकर चिंतित हैं। लेकिन इस यात्रा के दौरान एआई सुरक्षा, नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन को लेकर कोई विस्तृत संयुक्त व्यवस्था घोषित नहीं हुई।
स्वागत और समारोहों पर रहा खास जोर
शी जिनपिंग को वॉशिंगटन में असाधारण राजकीय सम्मान दिया गया। ट्रंप स्वयं ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे और हवाई अड्डे पर शी का स्वागत किया। उनके विमान तक लाल कालीन बिछाया गया। व्हाइट हाउस पहुंचने पर भी उनका औपचारिक स्वागत किया गया।राजकीय समारोहों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। सैन्य बैंड, ध्वजारोहण, मार्च और विशेष प्रदर्शन आयोजित किए गए। रोज गार्डन में दोनों नेताओं ने सैन्य परेड का निरीक्षण किया। अमेरिकी सेना और मरीन के विभिन्न दलों ने विशेष प्रस्तुतियां दीं।ट्रंप ने शी को व्हाइट हाउस के बाहर बनाए गए नए हेलीपैड का भी दौरा कराया। इस दौरान उन्होंने शी की अच्छी गुणवत्ता वाले ग्रेनाइट में रुचि का उल्लेख किया।ब्रुकिंग्स संस्थान के चीन केंद्र के निदेशक रयान हास के अनुसार राजकीय यात्रा में समारोह स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन इस यात्रा में औपचारिक गतिविधियों के लिए दिया गया समय सब्स्टैंटिव यानी नीतिगत चर्चा की तुलना में अधिक रहा।
चीन में यात्रा को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया
वॉशिंगटन में जहां यात्रा के ठोस नतीजों को लेकर सवाल उठे, वहीं चीन में इसे सकारात्मक रूप से देखा गया। चीनी सामाजिक और राजनीतिक हलकों में इस बात को प्रमुखता दी गई कि शी को अमेरिकी राजधानी में उच्च स्तर का राजकीय सम्मान मिला।चीनी सामाजिक विज्ञान अकादमी से जुड़े विशेषज्ञ हाई झाओ ने कहा कि चीनी लोग यह देखकर खुश हैं कि शी का वॉशिंगटन में गर्मजोशी से स्वागत हुआ।इससे चीन के लिए यात्रा का एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक पक्ष सामने आया। दोनों देशों के बीच गंभीर रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर संवाद और औपचारिक सम्मान जारी है।
अमेरिकी मीडिया की भूमिका भी रही चर्चा में
इस यात्रा की कवरेज को लेकर अमेरिका में मीडिया स्वतंत्रता और व्हाइट हाउस की प्रेस पहुंच का मुद्दा भी सामने आया। कुछ प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को लेकर व्हाइट हाउस और प्रशासन के बीच विवाद चल रहा था।एक संघीय न्यायाधीश ने व्हाइट हाउस को संबंधित मीडिया संस्थानों की पहुंच बहाल करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद गुरुवार सुबह कुछ पत्रकारों को व्हाइट हाउस में प्रवेश नहीं मिल सका, जबकि चीन के सरकारी मीडिया संस्थानों को प्रवेश दिया गया। बाद में ट्रंप प्रशासन ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि पहुंच बहाल कर दी गई है।इस वजह से शी के स्वागत और कुछ बड़े राजकीय कार्यक्रमों का अमेरिकी टेलीविजन कवरेज भी सामान्य से अलग रहा।
आगे की राह में व्यापार सबसे अहम
तीन दिवसीय यात्रा ने अमेरिका और चीन के बीच तत्काल तनाव को कुछ समय के लिए कम करने का संकेत जरूर दिया है, लेकिन कई बुनियादी विवाद अभी कायम हैं।व्यापार, दुर्लभ खनिज, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, एआई, ताइवान और मध्य-पूर्व जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के हित पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं।इसलिए जनवरी तक बढ़ा व्यापार युद्धविराम फिलहाल दोनों पक्षों को बातचीत का अवसर देता है। आने वाले महीनों में ट्रंप और शी की प्रस्तावित अगली मुलाकातों तथा व्यापार वार्ताओं से यह स्पष्ट होगा कि वॉशिंगटन और बीजिंग का मौजूदा तनाव वास्तव में दीर्घकालिक स्थिरता की ओर बढ़ रहा है या यह केवल अस्थायी विराम है।