{"_id":"633474da82253246f42b9d8f","slug":"womens-rights-activist-from-india-wins-changemaker-award-at-un-sdg-action-awards","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srishti Bakshi: भारतीय महिला अधिकार कार्यकर्ता को मिला 'चेंजमेकर' अवॉर्ड, जानें क्यों की 3800 किमी की यात्रा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Srishti Bakshi: भारतीय महिला अधिकार कार्यकर्ता को मिला 'चेंजमेकर' अवॉर्ड, जानें क्यों की 3800 किमी की यात्रा
Wed, 28 Sep 2022 09:52 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 28 Sep 2022 09:52 PM IST
सार
महिला अधिकार कार्यकर्ता सृष्टि बख्शी को लिंग आधारित हिंसा का सामना करने और सार्वजनिक स्थानों तक सुरक्षित पहुंच बनाने की वकालत करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
सृष्टि बख्शी
- फोटो : Twitter/ UN SDG Action Campaign
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत की एक महिला अधिकार कार्यकर्ता को 'चेंजमेकर अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पुरस्कारों में से एक हैं। महिला को यह पुरस्कार लिंग आधारित हिंसा और असमानता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिया गया है। महिला ने इसके लिए देशभर में कम से कम 3,800 किलोमीटर की यात्रा की।
विज्ञापन
महिला अधिकार कार्यकर्ता सृष्टि बख्शी को लिंग आधारित हिंसा का सामना करने और सार्वजनिक स्थानों तक सुरक्षित पहुंच बनाने की वकालत करने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार के लिए दुनिया के 150 देशों से तीन हजार आवेदन आए थे।
विज्ञापन
बख्शी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक 12 राज्यों से गुजरते हुए 3,800 किलोमीटर की पैदल यात्राकी। इस दौरान उन्होंने न केवल महिलाओं के खिलाफ हिंसा की वजहों के बारे में जागरूकता पैदा की बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के लिए सौ से ज्यादा वर्कशॉप्स का आयोजन किया।
विज्ञापन
उनकी पैदल यात्रा पर 'वीओएमबी: वूमेन ऑफ माय बिलियन' नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनी है, जो आज भारतीय महिलाओं की वास्तविकताओं को उजागर करती है। यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 2021 में लॉन्च की गई थी। जिसे बाद में चार महाद्वीपों में 14 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित किया गया था। पुरस्कार की वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने अपने कामों के जरिए सभी लिंगों के एक लाख से ज्यादा लोगों को संगठित किया है।
यूएन एसडीजी एक्शन कैंपेन की निदेशक मरीना पोंटी ने कहा, यह स्पष्ट है कि दुनिया में जिस परिवर्तनकारी बदलाव की जरूरत है, इन पुरस्कार विजेताओं का जुनून और प्रतिबद्धता उसका उदाहरण है। विजेताओं की घोषणा जर्मनी के बॉन शहर में एक्ट फॉर एसडीजी के समापन समारोह में की गई।