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Measles: डब्ल्यूएचओ बोला- खसरा दुनिया के लिए खतरा, इसे रोकने के लिए 95 फीसदी टीकाकरण जरूरी
Thu, 24 Nov 2022 05:32 AM IST
Jeet Kumar
एएनआई, जेनेवा
एएनआई, जेनेवा
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 24 Nov 2022 05:32 AM IST
सार
सामुदायिक प्रकोपों को रोकने के लिए 95 प्रतिशत टीकाकरण की आवश्यकता है। संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में लगभग चार करोड़ बच्चे खसरे के टीके की खुराक लेने से चूक गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा कि कोरोनोवायरस महामारी शुरू होने के बाद से खसरा टीकाकरण में काफी गिरावट आई है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष लगभग चार करोड़ बच्चों को टीके की खुराक न मिलने का रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया।
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खसरा टीकाकरण में लगातार गिरावट आई
डब्ल्यूएचओ और सीडीसी ने एक संयुक्त रिपोर्ट में कहा कि अब दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में खसरे के फैलने का खतरा तेजी से हमारी तरफ आ रहा है और कोरोना वायरस के कारण खसरा टीकाकरण में लगातार गिरावट आई है और बीमारी पर निगरानी भी कम हुई है, जो कि चिंताजनक है।
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चार करोड़ बच्चे खसरे के टीके की खुराक लेने से चूक गए
बता दें कि खसरा सबसे संक्रामक मानव विषाणुओं में से एक है और टीकाकरण के माध्यम से लगभग पूरी तरह से रोका जा सकता है। हालांकि, सामुदायिक प्रकोपों को रोकने के लिए 95 प्रतिशत टीकाकरण की आवश्यकता है। संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में लगभग चार करोड़ बच्चे खसरे के टीके की खुराक लेने से चूक गए।
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संगठन के वैज्ञानिक पैट्रिक ओकॉनर ने कहा कि 2021 में कोरोना महामारी, डब्ल्यूएचओ और सीडीसी द्वारा बनाई गई बाधाओं के कारण लगभग चार करोड़ बच्चे खसरे का टीके लेने से चूक गए। जबकि पिछले वर्षों की तुलना में इसके मामलों में वृद्धि नहीं हुई है। इसे कम करने में 12-24 महीने चुनौतीपूर्ण होंगे।