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Who Is Kul Man Ghising: कौन हैं कुलमन घिसिंग? सुशीला कार्की की जगह जिनके नाम का रखा गया प्रस्ताव; अब आगे क्या?
Thu, 11 Sep 2025 03:27 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 11 Sep 2025 03:27 PM IST
सार
नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पहले अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम सामने आया था। वहीं अब जेन जी गुट ने कुलमन घिसिंग के नाम का प्रस्ताव रखा है। आइए जानते हैं कुलमन घिसिंग कौन हैं?
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कुलमन घिसिंग।
- फोटो : एक्स/@Kulmanghising2
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विस्तार
नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद देश में अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पहले अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम सामने आया था। वहीं अब जेन जी गुट ने अंतरिम प्रधानमंत्री पद के लिए कुलमन घिसिंग के नाम का प्रस्ताव रखा है। आइए जानते हैं कुलमन घिसिंग कौन हैं और आगे अब क्या होने वाला है?
पहले जानते हैं कौन हैं कुलमन घिसिंग?
कुलमन घिसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सीईओ रहे हैं। वे 1994 में प्राधिकरण से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। 2016 में घिसिंग को प्राधिकरण का प्रबंध निदेशक बनाया गया। इस दौरान उन्होंने बिजली कटौती की समस्या का निस्तारण करने के लिए खूब काम किया। चार साल तक प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी निभाने के बाद घिसिंग 2020 में इस पद से हट गए और 2021 में इस पद पर वापस लौट आए।
भारत से की इंजीनियरिंग
कुलमन घिसिंग का भारत से भी नाता रहा है। उन्होंने भारत के क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर से इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद नेपाल के त्रिभुवन विवि से पावर सिस्टम में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
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नेपाल में बिजली कटौती की समस्या दूर की
कुलमन घिसिंग को नेपाल में बिजली कटौती की समस्या का खात्मा करने के लिए जाना जाता है। एक वक्त में नेपाल में 18 घंटे बिजली कटौती होती थी। उन्होंने इस समस्या का दूर किया और जनता की नजरों में चढ़ गए।
ओली ने किया था बर्खास्त, जनता में बढ़ा गुस्सा
कुलमन को 24 मार्च 2025 को कार्यकाल समाप्त होने से पहले प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया था। उनकी जगह हितेंद्र देव शाक्य को नियुक्त किया गया। ओली सरकार की कार्रवाई की जनता ने कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने ओली सरकार पर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति से काम करने का आरोप लगाया। ऐसा माना जा रहा है कि बिजली संकट का स्थायी समाधान करने वाले घिसिंग मुश्किल वक्त में नेपाल का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
पहले कार्की का नाम किया गया प्रस्तावित
जेन जी समूह ने पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम का प्रस्ताव किया था। मगर नेपाली सेना, नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और जेन-जी युवाओं के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के दौरान कार्की के नाम का विरोध किया गया। इस दौरान कुलमन घिसिंग का नाम सामने आया।
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पहले जानते हैं कौन हैं कुलमन घिसिंग?
कुलमन घिसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सीईओ रहे हैं। वे 1994 में प्राधिकरण से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने प्राधिकरण में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। 2016 में घिसिंग को प्राधिकरण का प्रबंध निदेशक बनाया गया। इस दौरान उन्होंने बिजली कटौती की समस्या का निस्तारण करने के लिए खूब काम किया। चार साल तक प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी निभाने के बाद घिसिंग 2020 में इस पद से हट गए और 2021 में इस पद पर वापस लौट आए।
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भारत से की इंजीनियरिंग
कुलमन घिसिंग का भारत से भी नाता रहा है। उन्होंने भारत के क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर से इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद नेपाल के त्रिभुवन विवि से पावर सिस्टम में इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की।
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नेपाल में बिजली कटौती की समस्या दूर की
कुलमन घिसिंग को नेपाल में बिजली कटौती की समस्या का खात्मा करने के लिए जाना जाता है। एक वक्त में नेपाल में 18 घंटे बिजली कटौती होती थी। उन्होंने इस समस्या का दूर किया और जनता की नजरों में चढ़ गए।
ओली ने किया था बर्खास्त, जनता में बढ़ा गुस्सा
कुलमन को 24 मार्च 2025 को कार्यकाल समाप्त होने से पहले प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया था। उनकी जगह हितेंद्र देव शाक्य को नियुक्त किया गया। ओली सरकार की कार्रवाई की जनता ने कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने ओली सरकार पर राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति से काम करने का आरोप लगाया। ऐसा माना जा रहा है कि बिजली संकट का स्थायी समाधान करने वाले घिसिंग मुश्किल वक्त में नेपाल का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
पहले कार्की का नाम किया गया प्रस्तावित
जेन जी समूह ने पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नाम का प्रस्ताव किया था। मगर नेपाली सेना, नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और जेन-जी युवाओं के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के दौरान कार्की के नाम का विरोध किया गया। इस दौरान कुलमन घिसिंग का नाम सामने आया।