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डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, कोरोना का संक्रमण बढ़ा तो हर 16 सेकंड में एक मृत बच्चा होगा पैदा
Fri, 09 Oct 2020 07:58 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 09 Oct 2020 07:58 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) और उनके सहयोगी संगठनों ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोर को लेकर चेताया है। इन संगठनों ने कहा है कि कोरोना वायरस से गर्भवती महिलाएं और उनके गर्भ के लिए खतरा लगातार बढ़ गया है। डब्ल्यूएचओ ने जानकारी दी कि अगर कोरोना वायरस बीमारी बढ़ी तो हर 16 सेकंड में एक मृत बच्चा पैदा होगा।
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इसके अलावा संगठन का कहना है कि हर साल 20 लाख से ज्यादा स्टिलबर्थ के मामले सामने आएंगे। दरअसल, गर्भाधान के 28 हफ्ते या उसके बाद मृत शिशु के पैदा होने अथवा प्रसव के दौरान अगर शिशु की मौत हो जाती है तो उस अवस्था को स्टिलबर्थ कहा जाता है।
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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टिलबर्थ के ज्यादातर मामले विकासशील देशों से जुड़े हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि हर साल 20 लाख बच्चे मृत पैदा होते हैं। इसके अलावा यूनीसेफ की कार्यकारी निदेशक हैनरिटा फोर ने कहा कि अगर कोरोना के मामले ऐसे ही बढ़ते रहे तो हर 16 सेकंड में किसी ना किसी महिला को इस अवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए पेशेवर चिकित्सक, बेहतर निगरानी और प्रसव से पहले की अच्छी देखभाल की जरूरत है। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि संक्रमण की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं 50 फीसदी तक घटी हैं, इसलिए अगले साल 117 विकासशील देशों में 20 लाख से ज्यादा स्टिलबर्थ के मामले देखे जा सकते हैं।