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US: ट्रंप चुनाव जीते तो रामास्वामी नहीं होंगे उपराष्ट्रपति! पूर्व राष्ट्रपति के शीर्ष सलाहकार ने कही बड़ी बात
Mon, 15 Jan 2024 01:59 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 15 Jan 2024 01:59 PM IST
सार
आयोवा कॉकस से पहले ट्रंप ने रामास्वामी पर कपटपूर्ण अभियान के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया था। वहीं, भारतवंशी नेता का कहना है कि वह ट्रंप की आलोचना नहीं करेंगे। इन सबके बीच पूर्व राष्ट्रपति के शीर्ष सलाहकार ने बड़ा बयान दिया है।
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विवेक रामास्वामी और डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिका में इस साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी के बीच भी सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। जहां ट्रंप अपने प्रतिद्वंद्वी की सार्वजनिक तौर पर तीखी आलोचना कर रहे हैं। वहीं रामास्वामी ने इस कदम को उनके सलाहकारों का दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति के शीर्ष सलाहकार ने उपराष्ट्रपति पद के लिए रामास्वामी की संभावना को खारिज कर दिया है।
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बता दें, सोमवार यानी आज से आयोवा कॉकस शुरू होने जा रहा है। यहां औपचारिक रूप से प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पांच नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का चयन करता है।
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ट्रंप के शीर्ष सलाहकार जेसन मिलर ने कहा कि मतदाता 38 वर्षीय बायोटेक उद्यमी रामास्वामी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार मानने से इनकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कहने में कुछ भी गलत नहीं है। यह बिल्कुल सही है कि अगर ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं तो रामास्वामी उपराष्ट्रपति नहीं बनेंगे।
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मैं ट्रंप के खिलाफ नहीं
आयोवा कॉकस से पहले, ट्रंप ने रामास्वामी पर कपटपूर्ण अभियान के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया था। वहीं, भारतवंशी नेता का कहना है कि वह ट्रंप की आलोचना नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं ट्रंप के खिलाफ नहीं हूं। उनका बयान उनके सलाहकारों का एक दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। वह एक महान राष्ट्रपति रहे हैं।'
रामास्वामी ने कहा था कि ट्रंप अपनी कड़ी कानूनी बाधाओं और राजनीतिक विरोध के कारण आम चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा था, 'मैं अपने अभियान के प्रति किसी और के रवैये के बारे में नहीं बोल सकता। मैं बस बोल सकता हूं कि हम इस दौड़ में पीछे नहीं हैं। बस देरी से बढ़ रहे हैं।'
रामास्वामी ने आगे कहा था, 'डोनाल्ड ट्रंप 21वीं सदी के सबसे महान राष्ट्रपति थे और मैं इस हमले के जवाब में उनकी आलोचना नहीं करने जा रहा हूं। मैं यहां 390 से अधिक आयोजनों में आयोवा के हजारों लोगों से मिल चुका हूं और वे बहुत चिंतित हैं और मैं भी हूं कि यह सिस्टम ट्रंप को फिर से व्हाइट हाउस के आसपास भी नहीं जाने देगा।’
यह है मामला
बता दें कि अब तक डोनाल्ड ट्रंप और रामास्वामी के बीच अच्छी समझदारी देखने को मिल रही थी। रामास्वामी ने कोलोराडो सुप्रीम कोर्ट की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के बैलट पर रोक लगाए जाने के बाद यहां तक कह दिया था कि सभी रिपब्लिकन उम्मीदवारों को भी अपना बैलट वापस ले लेना चाहिए। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी चौथी जीओपी डिबेट के बाद रामास्वामी की तारीफ की थी। सोमवार को आयोवा कॉकस (पार्टी की होने वाली बैठक में उम्मीदवार को लेकर सदस्यों के विचार करने) होने से पहले ट्रंप ने रामास्वामी पर हमला बोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय अमेरिकी उद्यमी नामांकन हासिल करने के लिए ‘कपटपूर्ण अभियान के हथकंडे’ अपना रहे हैं।
रामास्वामी से नाराज हैं ट्रंप
बताया जा रहा है कि रामास्वामी के समर्थक एक अभियान के दौरान टीशर्ट पहने हुए थे जिसपर लिखा था, सेव ट्रंप, वोट विवेक। इससे डोनाल्ड ट्रंप खफा हो गए। इसके बाद ट्रंप ने रामास्वामी को धूर्त बता दिया और कहा कि इससे धोखा मन खाइए। ट्रंप के लिए ही वोट करिए और किसी और को वोट देकर अपना वोट बर्बाद मत करिए। विवेक रामास्वामी 'अमेरिका को फिर से महान बनाओ' अभियान से अलग हैं। बता दें कि यह नारा डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में दिया था। पहली बार है जब डोनाल्ड ट्रंप की टीम सीधा रामास्वामी पर हमला कर रही है।