जर्मनी: एक तिहाई पुरुषों के लिए महिला हिंसा आम बात, 52 फीसदी ने कहा- वे चूल्हा-चौका ही करें; पढ़िए रिपोर्ट
लैंगिक समानता के प्रति आवाज उठाने वाले संस्थान फेडरल फोरम मेन के सदस्य कार्स्टन कास्नर ने कहा कि आंकड़े बेहद शर्मनाक हैं। सर्वे में शामिल 33 प्रतिशत पुरुष महिलाओं के खिलाफ शारीरिक हिंसा को सामान्य समझते हैं। यह एक बड़ी समस्या है और इसे बदलना चाहिए।
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विकसित देशों की सूची में शुमार जर्मनी से एक शर्मिंदगी भरी खबर सामने आई है। जर्मनी में किए गए एक सर्वे के बाद सामने आया कि देश के एक तिहाई से अधिक पुरुषों को लगता है कि अगर उनका हाथ महिलाओं पर उठ जाता है तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा को पुरुषों ने स्वीकार्य किया है। सर्वे करने वाली कंपनी ने इसे शर्मनाक करार दिया है।
घटना शर्मनाक है
जर्मनी के एक अखबार में प्रकाशित हुए सर्वे के मुताबिक, 18-25 साल के आयु वर्ग के 33 प्रतिशत पुरुषों का कहना है कि अगर किसी महिला के साथ उनकी बहस होती है और उनका गलती से हाथ उठ जाए तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। यह स्वीकार्य है। सर्वे के अनुसार, 34 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि अतीत में कभी न कभी उन्होंने महिलाओं पर हाथ उठाया है। उनके साथ हिंसा की है।
एक हजार पुरुष सर्वे में शामिल
लैंगिक समानता के प्रति आवाज उठाने वाले संस्थान फेडरल फोरम मेन के सदस्य कार्स्टन कास्नर ने कहा कि आंकड़े बेहद शर्मनाक हैं। सर्वे में शामिल 33 प्रतिशत पुरुष महिलाओं के खिलाफ शारीरिक हिंसा को सामान्य समझते हैं। यह एक बड़ी समस्या है और इसे बदलना चाहिए। सर्वे में देश भर के एक हजार पुरुषों और एक हजार महिलाओं को शामिल किया गया था। सर्वे के अनुसार, 52 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि उनकी साथी महिलाओं को ज्यादातर घर ही चलाना चाहिए और उन्हें खुद घर का मुख्य रहना चाहिए, जो घर में कमियों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाए।
समलैंगिकता से भी परेशानी
सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 48 प्रतिशत लोगों का कहना है कि समलैंगिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन करना सही नहीं है। इससे उन्हें परेशानी होती है। प्लान इंटरनेशनल जर्मनी की प्रवक्ता एलेक्जेंड्रा शाचर ने बताया कि लोग अब भी पुराने सोच के हैं। उनके दिमाग में सिर्फ दो ही पारंपरिक लिंगों की भूमिकाएं हैं।
पढ़िए, महिला हिंसा से जुड़े कुछ आंकड़े
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, जर्मनी में करीब 1,15,000 महिलाएं अपने साथी की हिंसा का शिकार हुई है। हर घंटे करीब 13 महिलाएं हिंसा का शिकार होती हैं। 2021 में करीब 301 महिलाओं की उनके साथी ने हत्या की थी। पिछले साल, जर्मनी के न्याय मंत्री मार्को बुशमैन ने कहा था कि महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसाओं को अधिक गंभीरता से लेना होगा। कड़ी कार्रवाई के लिए कानूनी बदलावों पर जोर दिया जाएगा।