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India : 'आतंक फैलाने वाले देश से संबंध मुश्किल'; बिलावल की भारत यात्रा से पहले पाकिस्तान को जयशंकर की खरी-खरी

Wed, 26 Apr 2023 04:35 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 26 Apr 2023 04:35 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की बात करता है। साथ ही हमने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह के जुड़ाव के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है।

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Very difficult to engage with a neighbour who practises cross-border terrorism S Jaishankar said on Pakistan
एस जयशंकर - फोटो : ANI

विस्तार

मई में भारत में होने वाली एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंक की राह छोड़ने की नसीहत दी है।  परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऐसे पड़ोसी के साथ संबंधों को बेहतर करना बहुत मुश्किल है, जो हमारे खिलाफ सीमा पार आतंकवाद का अभ्यास करता है। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की बात करता है, साथ ही हमने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह के जुड़ाव के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है। पाकिस्तान को लेकर उनकी यह टिप्पणी गुयना के पनामा में अपने समकक्ष के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते हुए आई है। 

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बिलावल की भारत यात्रा से पहले जयशंकर की खरी-खरी
बता दें कि भारतीय विदेश मंत्री की यह टिप्पणी मई में होने वाली एससीओ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले आई है। इससे पहले, पाकिस्तान ने यह पुष्टि की थी कि उसके विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी अगले महीने की शुरुआत में गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए भारत का दौरा करेंगे।
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पनामा की अपनी समकक्ष जनैना तेवने मेंकोमो के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में जयशंकर ने कहा कि हम दोनों (भारत-पाकिस्तान) एससीओ के सदस्य हैं। इसलिए, हम आम तौर पर बैठकों में भाग लेते हैं। हम इस वर्ष (एससीओ) के अध्यक्ष हैं। ऐसे में एससीओ बैठक भारत में हो रही है। इन सबके बीच, पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध की  निचली रेखा यह है कि यह जिम्मेदारी हमारे लिए है। उन्होंने स्थिति साफ करते हुए कहा कि भारत के लिए ऐसे एक पड़ोसी के साथ जुड़ना बहुत मुश्किल है, जो हमारे खिलाफ सीमा पार आतंकवाद का अभ्यास करता है।
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जयशंकर ने कहा कि हमेशा कहा है कि उन्हें (पाकिस्तान) सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देने की प्रतिबद्धता को पूरा करना होगा। हमें उम्मीद है कि एक दिन हम उस स्थिति में पहुंचेंगे।

 4-5 मई को भारत में रहेंगे पाकिस्तान के विदेश मंत्री
रक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद चार और पांच मई को गोवा में एससीओ सदस्यों के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। बता दें, भारत इस साल जी-20 के साथ एससीओ की भी अध्यक्षता कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी समेत एससीओ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री बैठक में शामिल होने वाले हैं। पाकिस्तान पहले ही एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिलावल भुट्टो की भारत यात्रा की पुष्टि कर चुका है।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहराह बलूच ने इस्लामाबाद में एससीओ बैठक को लेकर कहा कि बैठक में हमारी भागीदारी एससीओ चार्टर और प्रक्रियाओं के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में क्षेत्र को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है। बताया गया है कि बिलावल के साथ अधिकारियों का एक डेलिगेशन भी भारत दौरे पर आएगा। 

2011 के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री की पहली भारत यात्रा
बता दें कि अगर पाकिस्तानी विदेश मंत्री व्यक्तिगत रूप से इस बैठक में भाग लेने आते हैं, तो यह 2011 के बाद से इस्लामाबाद की तरफ से किसी विदेश मंत्री की पहली भारत यात्रा होगी। 2011 में पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत का दौरा किया था। खार वर्तमान में विदेश मामलों की राज्यमंत्री के रूप में सेवारत हैं। 

हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मई 2014 में तत्कालीन पीएम के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए भारत दौरे पर आए थे। इसके बाद दिसंबर 2015 में भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का दौरा किया था और कुछ दिनों बाद पीएम मोदी ने पड़ोसी देश का संक्षिप्त दौरा किया था। 


क्या है एससीओ?
बता दें कि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) एक ताकतवर क्षेत्रीय फोरम है, जिसके सदस्यों में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और ईरान के साथ ही मध्य एशिया के देश शामिल हैं। एससीओ की स्थापना 2001 में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में की गई थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में बीजिंग स्थित एससीओ के स्थायी सदस्य बने। एससीओ की अध्यक्षता फिलहाल भारत के पास है और भारत की अध्यक्षता में इस साल एससीओ की बैठकें होनी हैं।  

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