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USA: IPCA प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहा भारत, अमेरिका की एक रिपोर्ट में दावा
Wed, 03 May 2023 09:50 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 03 May 2023 09:50 AM IST
सार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की जांच एजेंसियां अमेरिका के गृह विभाग के साथ मिलकर काम करने में असफल रही हैं, जिसकी वजह से बच्चों के अपहरण के मामले अभी तक अनसुलझे हैं।
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भारत अमेरिका
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिका की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत उन 14 देशों में शामिल है, जो international parental child abduction (IPCA) प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। अमेरिका के गृह विभाग की आईपीसीए पर 2023 की सालाना रिपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी संसद में पेश की गई। इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस मामले में अमेरिका के साथ सहयोग नहीं कर रहा है।
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क्या है रिपोर्ट में
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने आईपीसीए के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया है। साल 2022 में भी भारत ने इसमें सहयोग नहीं किया था। खासकर भारत की जांच एजेंसियां अमेरिका के गृह विभाग के साथ मिलकर काम करने में असफल रही हैं, जिसकी वजह से बच्चों के अपहरण के मामले अभी तक अनसुलझे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा जांच में सहयोग ना करने की वजह से बच्चों के अपहरण से जुड़े 65 फीसदी मामले बीते 12 महीनों से अनसुलझे हैं।
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क्या है IPCA
बता दें कि अगर कोई बच्चा उसकी माता या पिता द्वारा एक दूसरे से दूसरे देश बिना उसके दूसरे परिजन की मर्जी के बगैर लाया जाता है, उसे अपराध माना जाता है। एक देश के दूसरे देश के नागरिक से शादी या सीमा विवाद के चलते इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। द हेग कन्वेंशन ऑन सिविल एस्पेक्ट्स ऑफ इंटरनेशनल चाइल्ड एबडक्शन (1980) के तहत 96 देशों में इसे लेकर संधि है। भारत इसका सदस्य नहीं है। हालांकि साल 2018 में भारत और अमेरिका के बीच इस तरह के मामले सुलझाने के लिए एक मध्यस्थता सेल का गठन किया गया था। हालांकि बीते तीन साल और 10 महीनों से दोनों देशों के बीच आईपीसीए से जुड़े मामले अनसुलझे हैं।
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बता दें कि अमेरिका की रिपोर्ट में जिन 14 देशों पर आईपीसीए को प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने का आरोप लगा है, उनमें भारत के अलावा अर्जेंटीना, बेलिजे, ब्राजील, बुल्गारिया, इक्वाडोर, मिस्त्र, होंडुरास, जॉर्डन, पेरू, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, रोमानिया, रूस और संयुक्त अरब अमीरात का नाम शामिल है।