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दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाने के लिए रक्षा तंत्र मजबूत करेगा अमेरिका
Wed, 16 Jan 2019 10:15 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 16 Jan 2019 10:15 PM IST
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अमेरिका
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उत्तर कोरिया से जारी वार्ता के बीच अमेरिका किसी भी मिसाइल हमले का जवाब देने के लिए अपने घरेलू और विदेशी रक्षा तंत्र का विस्तार करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत दुश्मन के लक्ष्यों का पता लगाने के लिए अंतरिक्ष में उपग्रहों की एक शृंखला तैयार करने का विचार भी शामिल है। ट्रंप प्रशासन अपने इस प्रस्ताव पर कितना आगे बढ़ पाएगा यह बृहस्पतिवार को मिसाइलों की समीक्षा पर होने वाली पेंटागन की बैठक के नतीजे कांग्रेस में रखे जाने के बाद ही तय हो पाएगा।
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पिछले साल भी यह प्रस्ताव रखा जाना था, जिसे बिना कारण बताए स्थगित कर दिया गया था। इस बार परमाणु हथियारों का परित्याग कराने के लिए उत्तर कोरिया को रजामंद कराने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों के बीच यह प्रस्ताव रखा जाना है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत पर असर पड़ सकता है। ट्रंप की कोशिश है कि ऐसा रक्षा तंत्र विकसित किया जाए जिससे किसी मिसाइल को छोड़े जाने से पहले या छोड़ने के कुछ मिनट ही के भीतर उसे रोक दिया जाए।
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अमेरिकी कांग्रेस पहले ही पेंटागन को इस प्रस्ताव पर काम करने के लिए कह चुका है। इसके तहत लेजर से लैस ड्रोन को रक्षा तंत्र में शामिल किया जा सकता है। पेंटागन और विदेश मंत्रालय के पूर्व अधिकारी फ्रैंक रोस ने कहा, ‘मिसाइल रक्षा तंत्र का विस्तार एक अच्छा कदम है। मुझे लगता है कि इससे बहुत फायदा होगा। इससे देश की मिसाइल रक्षा क्षमताओं में विस्तार होगा। यह देश की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।’
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