US: ‘ताइवान पर हमला किया तो चीन पर लगाएंगे प्रतिबंध’,अमेरिकी सैन्य सेवा समिति के दो सदस्यों ने पेश किया विधेयक
US: विधेयक के अनुसार, ताइवान पर हमला करने के बाद चीन पर अनेक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिकी सैन्य सेवा समिति के सदस्यों डैन सुलिवन और टैमी डकवर्थ ताइवान के समर्थन में इस विधेयक को पेश किया है।
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चीन और ताइवान के बीच बढ़ती तल्खी के बीच अमेरिकी सैन्य सेवा समिति से जुड़े दो सदस्यों ने एक द्विदलीय विधेयक पेश किया है। इस विधेयक को स्टैंड विद ताइवान (Stand With Taiwan) नाम दिया गया है। विधेयक के अनुसार, ताइवान पर हमला करने के पर चीन पर अनेक प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिकी सैन्य सेवा समिति के सदस्यों डैन सुलिवन और टैमी डकवर्थ ताइवान के समर्थन में इस विधेयक को पेश किया है। इस विधेयक में ताइवान के खिलाफ आक्रमणकारी कार्रवाई के बारे में सोचने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
‘ताइवान पर हमला किया तो चीन पर लगाए जाएंगे ये प्रतिबंध’
डैन सुलिवन ने कहा कि अगर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा ताइवान पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, चीन पर व्यापक रूप से आर्थिक, ऊर्जा, वित्तीय और अन्य प्रतिबंध लगाए जाएंगे। उधर, ताइवान का कहना है कि इस विधेयक के अनुसार, अमेरिका में चीन की वस्तुओं के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।
ताइवान के साथ खड़ा है अमेरिका
डैन सुलिवन ने कहा, ‘इस खतरनाक समय में यह जरूरी है कि अमेरिका द्वारा ताइवान के समर्थन में निस्वार्थ रूप से प्रतिबद्धता जताई जाए।’ उधर, टैमी डकवर्थ का कहना है कि वैश्विक नेता के रूप में अमेरिका का ताइवान के पक्ष में खड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ताइवान इस समय चीन की धमकियों से दो-चार हो रहा है। टैमी डकवर्थ ने कहा, ‘इस विधेयक के माध्यम से हमारा संदेश स्पष्ट है। हम ताइवान के साथ खड़े हैं। हम ऐसे किसी भी तरह के एकतरफा हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिससे हमारे लोकतांत्रिक मित्र पर कोई खतरा मंडराए।’
‘चीन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाएंगे’
विधेयक में बताया गया है कि, अगर पीएलए द्वारा किसी भी तरह का हमला किया गया तो अमेरिका, ताइवान के साथ खड़ा रहेगा। इसके बाद चीन पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाएंगे। आपको बता दें कि मई महीने में अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्यों ने ताइवान का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के साथ मुलाकात की थी। सुलिवन ने इससे पहले वर्ष 2022 में भी 'स्टैंड विद ताइवान' विधेयक को पेश किया था। हालांकि, उस समय इस पर कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया था। उधर, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने ‘स्टैंड विद ताइवान’ विधेयक पेश करने के लिए डैन सुलिवन और टैमी डकवर्थ का शुक्रिया अदा किया है।