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शोध: कोयले से भी खतरनाक है ब्लू हाइड्रोजन, इस्तेमाल करना खतरनाक 

Sat, 14 Aug 2021 06:42 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 14 Aug 2021 06:42 AM IST
सार

  • हाइड्रोजन से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कोयले से भी ज्यादा हो सकता है।
  • स्वच्छ हाइड्रोजन को लेकर हुए शोध मेें इसके इस्तेमाल पर उठाए सवाल
  • नए अध्ययन से होने वाले नुकसान को देखते हुए इसका इस्तेमाल जायज नहीं ठहराया जा सकता 

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US scientists research Blue hydrogen is more dangerous than coal
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

विस्तार

अब तक ‘स्वच्छ’ हाइड्रोजन को पर्यावरण के लिए सुरक्षित ऊर्जा स्रोत के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन एक नए शोध में इसे कोयले से भी ज्यादा खतरनाक बताया गया है। पर्यावरण के लिए सुरक्षित माने जाने वाले स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों में हाइड्रोजन का जिक्र अक्सर होता है। लेकिन नए अध्ययन में कहा गया है कि इससे होने वाले नुकसान को देखते हुए इसका इस्तेमाल जायज नहीं ठहराया जा सकता है।

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स्वच्छ हाइड्रोजन को लेकर हुए शोध मेें इसके इस्तेमाल पर उठाए सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और कई कंपनियां ब्लू हाइड्रोजन के ऊर्जा स्रोत के रूप में इस्तेमाल का समर्थन कर चुके हैं। लेकिन शुक्रवार को अकादमी जर्नल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि हाइड्रोजन से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कोयले से भी ज्यादा हो सकता है।  शोध के मुताबिक, ब्लू हाइड्रोजन उत्सर्जन मुक्त नहीं है।
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कॉरनेल विवि के रॉबर्ट हॉवर्थ और स्टैन्फर्ड यूनिवर्सिटी के मार्क जैकबसन ने अपने शोध में पाया है कि हाइड्रोजन के ईंधन के उत्पादन में अच्छी खासी ऊर्जा की जरूरत होती है। वे कहते हैं कि प्राकृतिक गैस से हाइड्रोजन निकालने की प्रक्रिया में जब उसे गर्म किया जाता है और उस पर दबाव बढ़ाया जाता है, तब कार्बन उत्सर्जन होता है। ब्लू हाइड्रोजन में भले की कम उत्सर्जन हो लेकिन कार्बन सोखने की प्रक्रिया में काफी ऊर्जा लगती है।
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ध्यान बंटाने वाली चीज
शोधकर्ता कहते हैं, हाइड्रोजन को बस ध्यान बंटाने वाली चीज के रूप में देखा जाए जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा अर्थव्यवस्था को कार्बन से पूरी तरह मुक्त करने में देरी हो सकती है। बता दें कि इसी हफ्ते बाइडन सरकार का 1.2 खरब डॉलर का एक ढांचागत मामलों का बिल सीनेट से पास हुआ है। इसमें क्षेत्रीय स्तर पर 8 स्वच्छ हाइड्रोजन हब बनाने का जिक्र है लेकिन ब्लू हाइड्रोजन का उल्लेख नहीं है।


कोई खास लाभ नहीं
शोधकर्ताओं की चेतावनी है कि जिस ईंधन में कार्बन को सोखकर रख लेने की प्रक्रिया शामिल है, वह उसी सीमा तक काम करता है जितना उसमें अनिश्चित काल तक कार्बन को सोख कर रखने की क्षमता हो और उसमें से वह वापस वातावरण में न चली जाए। इस प्रक्रिया में काफी ऊर्जा लगती है। इसलिए इसका कोई खास लाभ नहीं है।

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