पाक के लिए एफएटीएफ दायित्वों को पूरा न करना होगा विनाशकारीः अमेरिका
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अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान ने यदि एफएटीएफ (आर्थिक कार्रवाई कार्य बल) के दायित्वों को पूरा नहीं किया तो उसके आर्थिक सुधार कार्यक्रम पर इसका विनाशकारी असर पड़ेगा।
अमेरिका में दक्षिण-मध्य एशियाई मामलों के लिए कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स ने यह टिप्पणी पाक विदेश मंत्री के देश को एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर निकालने संबंधी बयान के ठीक एक दिन बाद की है।
वेल्स ने कहा कि निश्चित ही पाकिस्तान यदि एफएटीएफ के दायित्वों को पूरा नहीं करता है तो वह काली सूची में आएगा। ऐसे में उसके आर्थिक सुधार कार्यक्रम और निवेशकों को आकर्षिक करने की उसकी क्षमता के विनाशकारी नतीजे आएंगे।’
हालांकि इस्लामाबाद समेत क्षेत्रीय दौरे से हाल ही में अमेरिका लौटी वेल्स ने कहा कि ‘हम एफएटीएफ के दायित्वों को पूरा करने की ओर पाकिस्तान की प्रगति को देखकर खुश हैं।’ बता दें कि पाक आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल एफएटीएफ की सिफारिशों के लिए देश में उठाए गए कदमों की जानकारी देने के मकसद से इस समय चीन में है।
बीजिंग में बैठक के बाद स्पष्टता आएगी
पाकिस्तान एफएटीएफ के सुझावों को पूरा नहीं करता है तो इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से उसे मिलने वाले धन पर पड़ सकता है। इस संदर्भ में बोलते हुए वेल्स ने कहा कि इस समय बीजिंग में एक बैठक चल रही है जहां पाकिस्तान अपने कार्यों को टास्क फोर्स के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है।
बीजिंग में टास्क फोर्स के मूल्यांकन के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा, क्योंकि तब इस मामले में स्पष्टता आ जाएगी।
फिलहाल ग्रे सूची में है पाकिस्तान
एफएटीएफ ने पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान को लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा अन्य आतंकवादी समूहों के वित्त पोषण पर लगाम लगाने में नाकामी के लिए उसे ग्रे सूची में डालने का फैसला किया था।
यदि वह इस साल अप्रैल तक इस सूची से नहीं हटता है तो पाकिस्तान को काली सूची में डाला जा सकता है। इसके बाद उसे गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।