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चीनी आक्रामकता के बीच भारत-अमेरिका के संबंधों को अमेरिकी सांसदों ने बताया महत्वपूर्ण

Thu, 06 Aug 2020 10:02 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 06 Aug 2020 10:02 PM IST
सार

अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों ने कहा है कि भारत के प्रति चीन की 'आक्रामकता' के मद्देनजर अमेरिका और भारत के करीबी संबंध बहुत मायने रखते हैं। वहीं, अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा है कि अमेरिका के साथ भारत की सामरिक भागीदारी की ताकत आने वाले दौर में महत्वपूर्ण होगी।

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US Representatives said India America relations are important amid agression of China
अमेरिका-भारत - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

अमेरिका और भारत के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को द्विदलीय समर्थन दर्शाते हुए प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष एलियॉट एंगल और रैंकिंग सदस्य माइकल टी मैककॉल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि दोनों दलों के सदस्य भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों के 21वीं सदी पर मजबूत प्रभाव को समझते हैं।

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उन्होंने कहा, ‘जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल फरवरी में कहा था कि हमारे संबंध अब केवल साझेदारी नहीं हैं, बल्कि ये पहले से कहीं अधिक मजबूत और करीबी हैं। ये मजबूत संबंध ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हैं, जब भारत चीन के साथ लगती सीमा पर उसकी आक्रामकता का सामना कर रहा है। चीन का यह व्यवहार हिंद प्रशांत में चीन सरकार के अवैध कदमों और उसकी आक्रामकता का हिस्सा है।’’
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पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच गतिरोध की स्थिति के बीच अमेरिकी सांसदों का यह बयान आया है। सांसदों ने कहा, ‘द्विपक्षीय संबंधों को हमारे समर्थन के साथ ही, हम इस बात पर चिंता जताते हैं कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद पिछले एक साल में वहां हालात सामान्य नहीं हुए हैं।’

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आने वाले दौर में महत्वपूर्ण होगी अमेरिका-भारत की सामरिक साझेदारी : संधू

अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि चूंकि भारत अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मनाने के करीब पहुंच रहा है, ऐसे में अमेरिका के साथ उसकी सामरिक भागीदारी की ताकत आने वाले दौर में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के करीब पहुंचने पर भारत निरंतर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में लगा है, व्यक्तिगत आजादी का विस्तार कर रहा है और साथ ही आर्थिक व राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ रहा है।

संधू ने ‘न्यूजवीक’ पत्रिका में बुधवार को लिखे संपादकीय में कहा कि अमेरिका के साथ भारत की स्वाभाविक साझेदारी ताकत का स्रोत होगी। उन्होंने कहा, 'भारत के हमारे लोकतंत्र की 75वें साल की ओर बढ़ने के साथ हम अपने संस्थापकों की प्रतिभा को याद करते हैं जिनमें से कई अमेरिकी संविधान के आदर्शों से प्रेरित थे।'

संधू ने कहा, ‘वह क्षण अंत नहीं था, बल्कि राष्ट्र निर्माण की निरंतर प्रक्रिया, व्यक्तिगत आजादी के विस्तार और भारत के आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक सशक्तिकरण की शुरुआत था। इस प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारत की अमेरिका के साथ स्वाभाविक साझेदारी ताकत का स्रोत बनेगी।’

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