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Khamenei Funeral: ट्रंप का दबाव! 13 देशों ने बनाई खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूरी; US चल रहा क्या चाल?

Mon, 06 Jul 2026 12:32 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 06 Jul 2026 12:32 AM IST
सार

ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिका ने विभिन्न देशों से संपर्क कर उन्हें पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह से दूर रहने के लिए राजनयिक प्रयास किए हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद कई देशों ने अपनी भागीदारी रद्द कर दी या प्रतिनिधिमंडल का स्तर घटा दिया। यह भी आरोप लगाया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ देशों को संभावित कूटनीतिक और आर्थिक प्रभावों का संकेत दिया।

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US Pressure 13 Countries Distance Themselves from Khamenei Funeral Diplomatic move Donald Trump Iran JD Vance
खामेनेई के अंतिम संस्कार पर उमड़ी भीड़ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

अमेरिकी दबाव के आगे 13 देशों ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने से दूरी बना ली। ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने अली खामेनेई के बहुदिवसीय अंतिम संस्कार समारोह में देशों की भागीदारी रोकने के लिए कूटनीतिक अभियान चलाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसके बाद कम से कम 13 देशों ने या तो अपनी भागीदारी वापस ले ली या प्रतिनिधिमंडल का स्तर घटा दिया।
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ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने एक वरिष्ठ सूत्र के हवाले से बताया कि तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में शुरू हुए अंतिम संस्कार से पहले अमेरिका ने कई देशों को समारोह में शामिल न होने के लिए राजनयिक स्तर पर संपर्क किया। समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। शनिवार से शुरू हुआ अंतिम संस्कार नौ जुलाई को खामेनेई के गृह नगर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के साथ संपन्न होगा।
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अमेरिका ने देशों पर कैसे बनाया कूटनीतिक दबाव?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 26 जून को अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक मिशनों को गोपनीय निर्देश जारी किए थे। इनमें राजनयिकों से कहा गया था कि वे मेजबान देशों को अंतिम संस्कार में शामिल होने से रोकने के लिए "सभी उपलब्ध साधनों" का इस्तेमाल करें। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समारोह में भागीदारी को अमेरिका के प्रति "अमित्रतापूर्ण कदम" माना जाएगा और इसका द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है।
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दो अरब राजनयिकों के हवाले से रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कई अफ्रीकी देशों में अमेरिकी राजदूतों ने चेतावनी दी थी कि समारोह में भाग लेने पर अमेरिकी विकास सहायता में कटौती की जा सकती है। यह भी दावा किया गया कि रुबियो ने कम से कम पांच अरब देशों के विदेश मंत्रियों से इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।

13 देशों ने वापस ली भागीदारी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी दबाव के बाद कम से कम 13 देशों ने अपनी भागीदारी वापस ले ली या प्रतिनिधिमंडल का स्तर घटा दिया। इनमें पूर्वी यूरोप के तीन, अफ्रीका के पांच, खाड़ी के दो अरब देश और पूर्वी एशिया के दो प्रमुख देश शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ देशों ने अनुपस्थिति के लिए राजनयिक कारण बताए या जिनेवा और न्यूयॉर्क स्थित अपने मिशनों के माध्यम से स्पष्टीकरण भेजा। वहीं, कुछ देशों ने निम्न स्तर के प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा जताई, जिसे ईरानी अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया।


70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए
खामनेई के अंतिम संस्कार में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि सर्वोच्च नेता ग्रैंड अयातुल्ला खामनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें हमारे वफादार अरब भाई भी शामिल हैं। यह ऐतिहासिक आयोजन हमारे आपसी संबंधों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
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