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US: 'H-1B वीजा का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, अब लगेगा भारी जुर्माना', राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
Sat, 20 Sep 2025 10:06 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 20 Sep 2025 10:06 AM IST
सार
US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग को 'राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा' बताया है। उन्होंने एक आदेश जारी कर कहा कि जिन आवेदनों के साथ 1 लाख डॉलर का भुगतान नहीं किया गया है, उन विदेशी कामगारों को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह फैसला खासतौर पर भारत जैसे देशों के आईटी पेशेवरों और कंपनियों को प्रभावित करेगा।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने शुक्रवार को एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कुछ गैर-आप्रवासी कामगारों के अमेरिका में प्रवेश पर पांबदी लगाई गई है और वीजा का इस्तेमाल करके विदेश से कर्मचारी लाने पर कंपनियों पर हर साल एक लाख अमेरिकी डॉलर का भारी शुल्क लगाया है। यह फैसला भारत जैसे देशों से कामगार लाने वाली कंपनियों को प्रभावित करेगा।
ट्रंप ने शुक्रवार को 'कुछ गैर-आप्रवासी कामगारों के प्रवेश पर प्रतिबंध' नाम के घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है कि जिन एच1-बी वीजा आवदेन के साथ एक लाख डॉलर का भुगतान नहीं किया गया है, उन कामगारों के अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ये भी पढ़ें: अमेरिका ने किया 'गोल्ड कार्ड योजना' का शुभारंभ, अमीरों के लिए खुले रास्ते; इन चुनौतियों का करना होगा सामना
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घोषणा में ट्रंप ने कहा, एच-1बी वीजा कार्यक्रम को अमेरिका में अस्थायी रूप से काम करने वाले कुशल लोगों के लिए बनाया गया था, लेकिन इसे जानबूझकर इस तरह इस्तेमाल किया गया कि अमेरिकी श्रमिकों को हटाकर कम वेतन वाले और कम कुशल विदेशी कामगारों को उनकी जगह पर रखा गया।
उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन आउटसोर्सिंग कंपनियों की जांच की है, जो एच-1बी वीजा पर ज्यादा निर्भर हैं। इन कंपनियों पर विदेशी कामगारों को अमेरिका लाने के लिए वीजा धोखाधड़ी, धनशोधन की साजिश और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। ट्रंप ने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग के रोकने के लिए कंपनियों पर ज्यादा शुल्क लगाना जरूरी है, ताकि वे अस्थायी रूप से काम करने के लिए केवल सबसे कुशल कामगारों को ही नियुक्त करें।
ये भी पढ़ें: एच 1-बी के लिए अमेरिका लेगा 88 लाख रुपये, भारतीय IT पेशेवर होंगे प्रभावित; जानें क्यों खास है वीजा
घोषणापत्र में कहा गया कि इस वीजा कार्यक्रम के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग ने अमेरिका की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। इसलिए ऐसे विदेशी कामगारों का बिना किसी रोक-टोक अमेरिका में प्रवेश देश के हितों के खिलाफ होगा और इससे अमेरिकी कामगारों को वेतन कम होने जैसे नुकसान होंगे। ट्रंप ने आदेश दिया कि गृह सुरक्षा विभाग उन एच-1बी आवेदनों को स्वीकार न करे, जिनके साथ एक लाख डॉलर का भुगतान न किया गया हो और जो काम अमेरिका के बाहर के हैं। यह आदेश 21 सितंबर से अगले 12 महीनों तक प्रभावी रहेगा।
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ट्रंप ने शुक्रवार को 'कुछ गैर-आप्रवासी कामगारों के प्रवेश पर प्रतिबंध' नाम के घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें कहा गया है कि जिन एच1-बी वीजा आवदेन के साथ एक लाख डॉलर का भुगतान नहीं किया गया है, उन कामगारों के अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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घोषणा में ट्रंप ने कहा, एच-1बी वीजा कार्यक्रम को अमेरिका में अस्थायी रूप से काम करने वाले कुशल लोगों के लिए बनाया गया था, लेकिन इसे जानबूझकर इस तरह इस्तेमाल किया गया कि अमेरिकी श्रमिकों को हटाकर कम वेतन वाले और कम कुशल विदेशी कामगारों को उनकी जगह पर रखा गया।
उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा है। देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन आउटसोर्सिंग कंपनियों की जांच की है, जो एच-1बी वीजा पर ज्यादा निर्भर हैं। इन कंपनियों पर विदेशी कामगारों को अमेरिका लाने के लिए वीजा धोखाधड़ी, धनशोधन की साजिश और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। ट्रंप ने कहा कि एच-1बी वीजा कार्यक्रम के दुरुपयोग के रोकने के लिए कंपनियों पर ज्यादा शुल्क लगाना जरूरी है, ताकि वे अस्थायी रूप से काम करने के लिए केवल सबसे कुशल कामगारों को ही नियुक्त करें।
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घोषणापत्र में कहा गया कि इस वीजा कार्यक्रम के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग ने अमेरिका की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। इसलिए ऐसे विदेशी कामगारों का बिना किसी रोक-टोक अमेरिका में प्रवेश देश के हितों के खिलाफ होगा और इससे अमेरिकी कामगारों को वेतन कम होने जैसे नुकसान होंगे। ट्रंप ने आदेश दिया कि गृह सुरक्षा विभाग उन एच-1बी आवेदनों को स्वीकार न करे, जिनके साथ एक लाख डॉलर का भुगतान न किया गया हो और जो काम अमेरिका के बाहर के हैं। यह आदेश 21 सितंबर से अगले 12 महीनों तक प्रभावी रहेगा।