डोनाल्ड ट्रंप ने धातुओं से शुल्क हटाया, ऑटो मोबाइल आयात पर फैसला भी टाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति ट्रंप ने मेक्सिको व कनाडा से धातुओं (स्टील और एल्युमीनियम) के आयात से शुल्क हटाने पर सहमति जताने का फैसला किया है। बदले में अमेरिकी किसानों को इन देशों में पोर्क, चीज व दूध के व्यवसाय के लिए दंड के रूप में कर नहीं देना पड़ेगा।
ट्रंप ने यूरोप, जापान व अन्य देशों से आयातित ऑटोमोबाइल (कार और पुर्जों) पर टैरिफ लगाने के लिए छह माह तक निर्णय टालने पर भी सहमति जता दी है। ये दोनों ही कार्रवाईयां वैश्विक ट्रेड वॉर के खतरे को खत्म करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही हैं। इसके बाद अब ट्रंप अपना पूरा ध्यान चीन पर केंद्रित कर सकेंगे।
अमेरिका के कनाडा व मेक्सिको से आयातित स्टील और एल्युमीनियम पर बढ़ा हुआ आयात कर हटा लेने के बाद नए उत्तर-अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी मिल सकती है। आयात शुल्क हटाने का मुख्य मकसद भी यही था।
ट्रंप ने गतवर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए कुछ देशों से आने वाली धातुओं पर भारी शुल्क लगा दिया था। अमेरिका और कनाडा ने संयुक्त बयान में कहा कि स्टील पर लगी 25 फीसदी और एल्युमीनियम पर लगी 10 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी 48 घंटे में खत्म हो जाएगी।
हालांकि ट्रंप ने यूरोपीय देशों से आने वाले एल्युमीनियम और स्टील पर से आयात शुल्क नहीं हटाया है, लेकिन कार और कार के पुर्जों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी के फैसले को फिलहाल छह माह के लिए टाल दिया गया है। ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन यूरोपीय संघ (ईयू) और जापान के साथ व्यापारिक बातचीत को और समय देना चाहता है।
ट्रेड वॉर के तीन मोर्चों में सिर्फ चीन से संघर्ष जारी
अमेरिका के सामने सबसे बड़ी फजीहत यह थी कि उसने ट्रेड वॉर पर तीन मोर्चे खोल दिए थे। पहला मोर्चा चीन के साथ खोला गया जिस पर अभी भी जंग जारी है। दूसरा मोर्चा यूरोप और जापान से स्टील, एल्युमीनियम पर टैरिफ बढ़ाकर खोला गया। यहां से कारों व उनके कलपुर्जों पर भी मोर्चा खोला जाना था।
जबकि तीसरा मोर्चा मेक्सिको व कनाडा के साथ खोला गया जिसमें तीनों देशों के बीच उत्तर-अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता खटाई में पड़ गया। इनमें से ट्रंप ने दो मोर्चों पर ट्रेड वॉर खत्म करने की पहल कर यह संदेश दिया है कि वे चीन के साथ अब ट्रेड वॉर पर पूरा ध्यान केंद्रित करने वाले हैं।