{"_id":"5f3c56a57f38d863e73052c5","slug":"us-on-huawei-us-tightens-its-grip-on-chinese-technology-company-huawei","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रंप का चीनी कंपनी Huawei पर कड़ा प्रहार, अमेरिका की तकनीक वाली चिप खरीदने पर लगाई रोक","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
ट्रंप का चीनी कंपनी Huawei पर कड़ा प्रहार, अमेरिका की तकनीक वाली चिप खरीदने पर लगाई रोक
Wed, 19 Aug 2020 04:16 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 19 Aug 2020 04:16 AM IST
विज्ञापन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रंप प्रशासन चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी हुवावे पर प्रतिबंधों को और सख्त करने जा रहा है ताकि अमेरिका में उसकी पहुंच बनने से रोकी जा सके। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को इस बारे में कहा कि वे हम पर जासूसी करते हैं, ऐसे में हम अमेरिका में उनके उपकरण नहीं चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इस कदम के तहत कंपनी की 21 देशों में 38 संबद्ध इकाइयों को भी अपनी निगरानी सूची में शामिल किया है।
विज्ञापन
ट्रंप ने कहा, जो देश इसका इस्तेमाल करते हैं, हम उनके साथ खुफिया सूचनाएं साझा करने नहीं जा रहे हैं लेकिन अपने देश में वाणिज्य मंत्रालय के नए नियमों से चिप प्रौद्योगिकी तक हुवावे को पहुंच बनाने से रोकेंगे। बता दें कि अमेरिका पिछले साल गूगल के संगीत और अन्य स्मार्टफोन सेवाओं समेत अमेरिकी घटकों व प्रौद्योगिकी के लिए हुवावे की पहुंच में कटौती पहले ही कर चुका है।
विज्ञापन
अब उन नियमों को अमेरिका में हुवावे की पहुंच रोकने के मकसद से डिजाइन किया गया है। वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने इसकी पुष्टि की। इसके तहत अमेरिका ने हुवावे की 21 देशों में फैली 38 संबद्ध इकाइयों को अपनी निगरानी सूची में शामिल कर लिया है। हुवावे को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की खुफिया इकाई मानते हुए अमेरिका ने अपने पुराने विदेशी उत्पादित प्रत्यक्ष उत्पाद नियम में संशोधन किया है। इसके तहत सभी जिंसों को लाइसेंस की जरूरत होगी।
विज्ञापन
अमेरिकी सुरक्षा के तहत लिया फैसला, चीन ने जताया विरोध
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस फैसले का मकसद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के लोगों की गोपनीयता बताई। जबकि चीन ने हुवावे कंपनी को लेकर अमेरिकी दमन का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने अमेरिका से चीनी कंपनियों को बदनाम करने से रोकने का आग्रह किया है।
पूर्व सीआईए अधिकारी पर चीन को खुफिया सूचनाएं देने का मामला दर्ज
अमेरिकी खुफिया सेवा सीआईए के पूर्व अधिकारी व एफबीआई से अनुबंधित भाषाविद अलेक्जेंडर युक चिंग मा के खिलाफ अमेरिका में चीन के लिए जासूसी का मामला दर्ज किया गया है। चिंग मा के खिलाफ खुफिया अधिकारियों के सूत्रों की जानकारी देने और गुप्त तकनीकों का खुलासा करने का आरोप है। उसने 2001 में हांगकांग के एक होटल में चीनी खुफिया अधिकारियों को सरकारी राज बताए और एफबीआई में काम करने के दौरान भी उनके संपर्क में बना रहा। चिंग मा को पिछले सप्ताह एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया गया था।