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अमेरिका: बैसाखी के महत्व और आंबेडकर के सम्मान में प्रस्ताव
Fri, 16 Apr 2021 12:50 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 16 Apr 2021 12:50 AM IST
सार
- बैसाखी पर सांसद जॉन गारामेंडी ने और आंबेडकर पर रो खन्ना ने मसौदा पेश किया
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डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अमेरिका के एक सांसद ने ‘बैसाखी’ पर्व के महत्व को मान्यता देने और इसके अनुयायियों के लिए प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश किया। वहीं, भारतवंशी सांसद रो खन्ना ने भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव आंबेडकर की 130वीं जयंती के मौके पर उनके सम्मान में लगातार दूसरे वर्ष एक प्रस्ताव रखा। इसका लक्ष्य दुनिया भर के युवा नेताओं को आंबेडकर के समानता दृष्टिकोण से प्रेरित करना था।
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अमेरिकी सांसद जॉन गारामेंडी ने सदन में बैसाखी प्रस्ताव को फिर से पेश करने के दौरान कहा कि यह प्रस्ताव बैसाखी पर्व की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को स्वीकार करता है। यह सिख, हिंदू और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए वसंत ऋतु की फसल कटाई का त्यौहार है। यह सिखों का नववर्ष भी होता है और 1699 में गुरु गोविंद सिंह द्वारा ‘खालसा पंथ’ की स्थापना किए जाने का भी स्मरण कराता है।
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दूसरी तरफ, भारत इस वर्ष डॉ आंबेडकर की 130वीं जयंती मना रहा है। इस संबंध में प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पेश करने के बाद खन्ना ने एक ट्वीट में कहा, आंबेडकर ऐसा भारत और अमेरिका चाहते थे जहां हम सभी की गरिमा का सम्मान करें।
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उन्होंने कहा कि आज, मैं उन्हें सम्मानित करने के लिए एक बार फिर प्रस्ताव रख रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि दुनिया भर के युवा नेता उनके काम के बारे में पढ़ेंगे और प्रेरित होंगे।
आंबेडकर के मूल्य मार्गदर्शन करते रहेंगे : जायसवाल
भारत के महावाणिज्यदूत रणधीर जायसवाल ने न्यूयॉर्क में कहा कि सामाजिक सुधार पर बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के मूल्य और उनकी विरासत एक देश के तौर पर आगे बढ़ने में भारत का मार्गदर्शन करती रहेगी। आंबेडकर की 130वीं जयंती पर भारत के महावाणिज्यदूतावास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जायसवाल ने कहा, न्यूयॉर्क में आंबेडकर को याद करना महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने शहर में कई वर्ष बिताए थे। इनमें कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान बिताए दिन भी शामिल है।