US: 9/11 हमले के बाद नफरत और नस्लवाद की घटनाएं बढ़ीं, सांसदों ने निंदा करने के लिए पेश किया प्रस्ताव
11 सिंतबर 2001 में आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसे आमतौर पर 9/11 के रूप में जाना जाता है। इस हमले में करीब तीन हजार से अधिक लोग मारे गए थे। इसके बाद से ही अरब, मुस्लिम, दक्षिण एशियाई और सिख समुदाय लंबे समय से अमेरिका में भेदभाव का अनुभव कर रहे हैं।
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भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल सहित सांसदों के एक समूह ने 9/11 आतंकवादी हमले के बाद अरब, मुस्लिम, दक्षिण एशियाई, सिख और मध्य पूर्वी समुदायों के खिलाफ नफरत, विदेशी द्वेष और नस्लवाद की निंदा करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है।
11 सिंतबर 2001 में आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसे आमतौर पर 9/11 के रूप में जाना जाता है। इस हमले में करीब तीन हजार से अधिक लोग मारे गए थे। अमेरिका के इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक की 22वीं बरसी से पहले नौ सितंबर को इस हमले के बाद उभरे नश्लवाद से पीड़ितों के समर्थन में सिफारिशें सामने रखी गई हैं।
अरब, मुस्लिम, मध्य पूर्वी, दक्षिण एशियाई और सिख समुदाय लंबे समय से अमेरिका में भेदभाव और हिंसा का अनुभव कर रहे हैं, जो हमलों के बाद और तेज हो गया है। हमले के बाद स्थिति और बिगड़ गई। एक महीने के अंदर सामुदायिक संगठनों ने मध्य पूर्वी या दक्षिण एशियाई मूल के समझे जाने वाले अमेरिकियों के खिलाफ नफरत की 945 घटनाएं दर्ज की गई हैं। नफरती भरे माहौल के कारण उनके रोजमर्रा के जीवन और उनके कार्यस्थलों, व्यवसायों, सामुदायिक केंद्रों और पूजा घरों में बदमाशी और हिंसा हुई।
9/11 हमले की 22वीं बरसी से दो दिन पहले जयपाल ने सांसदों इल्हान उमर, रशीदा तलीब, जूडी और आंद्रे कार्सन के साथ शनिवार को प्रस्ताव पेश किया, जिसमें नफरत, ज़ेनोफोबिया और नस्लवाद को उजागर किया गया।
सांसद प्रमिला ने कहा कि 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में अब तक हुए सबसे भयानक आतंकवादी हमले में हमने हजारों लोगों की जान गंवा दी। हमले में करीब तीन हजार लोगों की जान चली गई थी और 4,500 से अधिक अन्य संबंधित बीमारियों से मर गए थे। इस दिन ने हमारे देश को पूरी तरह से बदल दिया और इसका प्रभाव अभी भी देखा जा सकता है।
वाशिंगटन के 7वें कांग्रेस जिले के अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि हमें हमले के बाद अरब, मुस्लिम, मध्य पूर्वी, दक्षिण एशियाई और सिख समुदायों को हुए नुकसान पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमले के बाद के दिनों में बलबीर सिंह सोढ़ी, वकार हसन और अदेल करास की हत्याओं से साफ था कि उन लोगों के प्रति कितनी नफरत फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस देश में नस्लवाद का कोई स्थान नहीं है और आज भेदभाव और स्वतंत्रता की हानि का अनुभव किया है। कांग्रेस सदस्य उमर ने कहा कि 11 सितंबर 2001 अमेरिकी इतिहास की एक विनाशकारी घटना थी।