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इलिनॉय मंदिर पर हमले की साजिश: 'हेट क्राइम मानकर करें जांच', 105 अमेरिकी सांसदों ने एफबीआई को लिखा पत्र

Wed, 21 Oct 2026 07:26 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Wed, 21 Oct 2026 07:26 AM IST
सार

अमेरिका के 105 सांसदों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर इलिनॉय के ऑरोरा स्थित हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कोशिश की घृणा अपराध के रूप में जांच करने की मांग की है। 19 वर्षीय आरोपी की शॉटगन जाम होने से गोलीबारी नहीं हो सकी थी। सांसदों ने भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत और धमकियों पर भी चिंता जताई।

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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश का आरोप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिका के 105 सांसदों ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर इलिनॉय के एक हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कोशिश के मामले की संघीय स्तर पर घृणा अपराध (हेट क्राइम) के रूप में जांच करने की मांग की है। सांसदों ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर ऑनलाइन दी जा रही धमकियों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर भी जवाब मांगा है।
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कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों ने यह पत्र ऐसे समय लिखा है, जब शिकागो के पास ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 19 वर्षीय एक युवक ने गोली चलाने की कोशिश की थी। उसकी शॉटगन जाम हो जाने के कारण वह गोली नहीं चला सका और एक बड़ी घटना टल गई।
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105 सांसदों में कितने भारतीय?
पत्र पर 105 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें चार अमेरिकी सीनेटर भी शामिल हैं। सांसदों ने ट्रंप प्रशासन के संदेशों की आलोचना करते हुए कहा कि उनसे नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को सही ठहराने का जोखिम पैदा हुआ है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम और श्री थानेदार भी शामिल हैं।
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सरकारी पोस्ट का भी किया जिक्र
सांसदों ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें एक सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ लिखा था, "हमारी सड़कों से हट जाओ, मिस्टर सिंह, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।" उन्होंने शिक्षा विभाग की एक पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें टेक्सास के एक रिपब्लिकन नेता की ओर से टेक्सास विश्वविद्यालय के फुटबॉल मैच में दक्षिण एशियाई लोगों की मौजूदगी पर शिकायत के बाद "कॉलेज फुटबॉल को फिर से महान बनाओ" संदेश दिया गया था।

20 अक्टूबर को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा, "हम इस बात को लेकर भी गहरी चिंता में हैं कि प्रशासन के संदेशों से इन समुदायों के प्रति शत्रुता को खारिज करने के बजाय उसे बढ़ावा मिलने का जोखिम पैदा हुआ है।" उन्होंने कहा कि कथित नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारी से जुड़े पहलुओं के मेल को देखते हुए संघीय स्तर पर व्यापक कार्रवाई की जरूरत है।

हेट क्राइम के पहलू पर विशेष ध्यान देने की मांग
सांसदों ने कहा, "हम स्थानीय जांचकर्ताओं को एफबीआई की ओर से कथित तौर पर दी जा रही सहायता की सराहना करते हैं। हम ब्यूरो से आग्रह करते हैं कि संभावित घृणा अपराधों से जुड़े उल्लंघनों की स्पष्ट रूप से जांच की जाए।"

पत्र में सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया मंच एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली 5,42,000 से अधिक पोस्ट की पहचान की गई। रिपोर्ट में जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ऐसी पोस्ट की मासिक संख्या में करीब 240 प्रतिशत वृद्धि का भी जिक्र किया गया।

कार्नेगी एंडोमेंट के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी प्रतिभागियों ने बताया कि 2025 की शुरुआत से उन्हें अपने समुदाय को निशाना बनाने वाली नस्लवादी पोस्ट अक्सर या कभी-कभी देखने को मिलीं। वहीं, हर चार में से एक प्रतिभागी ने बताया कि उसे अपमानजनक नस्लीय शब्द कहे गए।

एफबीआई से तीन अहम सवाल
सांसदों ने एफबीआई से पूछा है कि क्या ऑरोरा मामले में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह के पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या ऑनलाइन मंचों या अन्य लोगों ने कथित हमले की साजिश को अंजाम देने में मदद की और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।


पत्र में सांसदों ने कहा, "किसी भी व्यक्ति को अपनी नस्ल, रूप-रंग या आस्था के कारण निशाना बनाए जाने का डर नहीं होना चाहिए। किसी भी धार्मिक समुदाय को यह चिंता नहीं होनी चाहिए कि पूजा के लिए एकत्र होने पर उसके सदस्यों को सामूहिक हिंसा का निशाना बनाया जा सकता है।"
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