बजट से बढ़ेगी कारोबारी सुगमता, एफडीआई में आएगी तेजीः अमेरिकी उद्योग जगत
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अमेरिकी उद्योग जगत का कहना है कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेश बजट कारोबारी सुगमता को बेहतर बनाएगा। साथ ही यह अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करेगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में विदेशी निवेशकों, विशेषकर भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबा दाव लगाने के लिए तैयार सरकारी संपत्ति कोषों को टैक्स में छूट देने की पेशकश की है।
अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद भारत में पैसे लगाने के लिए वैश्विक निवेशकों की धारणा मजबूत बनी हुई है। इसे जमीनी स्तर पर उतारने के लिए बजट एक जबरदस्त अवसर है।
डिजिटल और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने के उपाय करने के लिए वित्तमंत्री की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, बीमा क्षेत्र में पूंजी की जरूरतों को देखते हुए बजट में इस क्षेत्र को उदार बनाने के लिए अधिक उपाय किए जा सकते थे।
सही दिशा में कर नीति
अघी ने कहा कि कारोबारी सुगमता के मोर्चे पर जीएसटी रिटर्न को सरल बनाना और पांच करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले एमएसएमई उद्यमों के लिए ऑडिट से छूट देने जैसे उपाय भारत की छवि को बेहतर बनाएंगे।
इसके अलावा, आधार दिखाते ही तुरंत पैन कार्ड जारी करना, अग्रिम रिटर्न दायर करना और फेसलेस अपील आदि जैसे उपायों से भी कारोबारी सुगमता के मामले में भारत की स्थिति में सुधार होगा। इन उपायों को एक साथ देखें तो पता चलता है कि कर नीति के मामले में भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वित्तमंत्री के कदम से बढ़ेगा विदेशी निवेश
यूएसआईएसपीएफ ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ई-कॉमर्स आकर्षक है। यह क्षेत्र 2021 तक 84 अरब डॉलर (6 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच सकता है। ऐसे में सरकार से ई-कॉमर्स पर एक फीसदी टीडीएस लगाने के फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।
इस फैसला से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के विक्रेताओं को परेशानी होगी और आखिरकार इसका बोझ ग्राहकों पर ही पड़ेगा। वहीं, अमेरिका-भारत कारोबार परिषद (यूएसआईबीसी) ने कहा कि वित्तमंत्री ने विदेशी निवेश बढ़ाने और मेक इन इंडिया में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। बजट में लाभांश वितरण कर (डीडीटी) को खत्म करना अच्छा कदम है। इससे विदेशी कंपनियों को भारत में कारोबार लगाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
समावेशी और विकास उन्मुख बजट
अमेरिका-भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष करूण ऋषि ने कहा कि भारत राजकोषीय बाधाओं के दबाव में है। ऐसे में रक्षा और ऑटो मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को मजबूत करना होगा क्योंकि ये दोनों क्षेत्र भारत के विकास के महत्वपूर्ण कारक हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग को आधुनिक बनाने के लिए संशाधनों में अधिक-से-अधिक निवेश की जरूरत है। ऑटो मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी तेजी लानी होगी। उन्होंने बजट को समावेशी, विकास उन्मुख और परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि यह भारत को 50 खबर डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार की मंशा को प्रदर्शित करता है।