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US Independence Day: गांधी से आंबेडकर तक भारतवंशियों ने अमेरिका पर छोड़ी अमिट छाप, इंडियास्पोरा का संकलन जारी

Mon, 06 Jul 2026 04:39 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 06 Jul 2026 04:39 AM IST
सार

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के अवसर पर जारी एक विशेष संकलन में भारतीय मूल के विचारकों, आध्यात्मिक गुरुओं और प्रवासी समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया गया है। इसमें स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, परमहंस योगानंद और बीकेएस अयंगर जैसी हस्तियों के प्रभाव का उल्लेख है, जिन्होंने अमेरिका में आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श को नई दिशा दी।

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महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

स्वामी विवेकानंद से लेकर महात्मा गांधी तक और बीकेएस अयंगर से लेकर बीआर आंबेडकर तक भारतीय विचारकों व आध्यात्मिक नेताओं ने अमेरिका पर अमिट छाप छोड़ी है। अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ पर तैयार एक संकलन में गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा ने भारतवंशियों के योगदान को प्रमुखता से रखा है।
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250 एट 250 : मोमेंट्स ऑफ द इंडियन अमेरिकन स्टोरी शीर्षक के इस संकलन में अमेरिका में हिंदू दर्शन के प्रसार में स्वामी विवेकानंद व स्वामी परमहंस योगानंद से लेकर दीपक चोपड़ा व राजन जेड जैसे आधुनिक दौर के गुरुओं तक के योगदान का उल्लेख किया गया है।
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संकलन में कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में धार्मिक सहिष्णुता एवं सार्वभौमिक स्वीकार्यता का आह्वान कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। यह पहला अवसर था जब किसी हिंदू संन्यासी ने अमेरिका में इतने बड़े पश्चिमी जनसमूह को संबोधित किया था। उन्होंने 1894 में न्यूयॉर्क की वेदांत सोसाइटी की स्थापना में मदद की जो अमेरिका में शुरुआती स्थायी हिंदू संस्थानों में शुमार है। 
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अमेरिका में हैं 36 हजार योग स्टूडियो
बीकेएस अयंगर ने 1950 के दशक में योग को शारीरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य की अनुशासित पद्धति के रूप में पेश कर अमेरिका में इसके स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंडियास्पोरा के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने कहा, आज अमेरिका की करीब 10 प्रतिशत आबादी योग करती है। देश में लगभग 36,000 योग स्टूडियो हैं।

51 लाख भारतवंशी रहते हैं
बीकेएस अयंगर ने 1950 के दशक में योग को शारीरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य की अनुशासित पद्धति के रूप में पेश कर अमेरिका में इसके स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंडियास्पोरा के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने कहा, आज अमेरिका की करीब 10 प्रतिशत आबादी योग करती है। देश में लगभग 36,000 योग स्टूडियो हैं।


1905 में पहला मंदिर 1912 में गुरुद्वारा
अमेरिका का पहला हिंदू मंदिर 1905 में सान फ्रांसिस्को में खुला और इसके बाद 1912 में स्टॉकटन का गुरुद्वारा साहिब स्थापित हुआ। परमहंस योगानंद 1920 में अमेरिका पहुंचे। उनका प्रभाव 1927 में व्हाइट हाउस तक पहुंचा और राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। आंबेडकर से प्रेरित प्रवासियों ने अमेरिका में ऐसे बौद्ध समुदाय स्थापित किए जिन्होंने आध्यात्मिक साधना को सामाजिक न्याय व जाति-विरोधी अभियान से जोड़ा। एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने 1966 में न्यूयॉर्क में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस की स्थापना की।
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