{"_id":"613af0f68ebc3e7fb70cae5a","slug":"us-china-relations-joe-biden-talks-to-xi-jinping-after-seven-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"कड़वाहट होगी दूर?: सात महीने बाद बाइडेन और जिनपिंग की बात, जानें क्या हुई चर्चा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कड़वाहट होगी दूर?: सात महीने बाद बाइडेन और जिनपिंग की बात, जानें क्या हुई चर्चा
Fri, 10 Sep 2021 11:15 AM IST
अजय सिंह
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:15 AM IST
सार
बाइडन के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बार बात हुई है। दोनों नेताओं के बीच बात ऐसे समय में हुई है जब चीन और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ी हुई है।
विज्ञापन
Joe Biden and Xi Jinping
- फोटो : PTI (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग से सात महीने बाद फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच बात ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी पक्ष में इस बात को लेकर निराशा है कि बाइडन प्रशासन के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में दोनों देशों के नेताओं के शीर्ष सलाहकारों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क का कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन
बाइडन के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच दूसरी बार बात हुई है। इस समय दोनों देशों के बीच असहमति वाले मुद्दों की कोई कमी नहीं है, जिसमें चीन से उत्पन्न साइबर सुरक्षा उल्लंघन, बीजिंग द्वारा कोरोना वायरस महामारी से निपटने के तरीके और व्हाइट हाउस के मुताबिक चीन की प्रतिरोधी और अनुचित व्यापार प्रथाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
लेकिन फोन पर बातचीत करने के पीछे बाइडन का जो उद्देश्य था वह इन मुद्दों में से किसी पर केंद्रित नहीं था। इसके बजाए यह संवाद अमेरिका-चीन संबंधों के लिए आगे के रास्ते की चर्चा करने पर केंद्रित था।
विज्ञापन
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक, रणनीतिक चर्चा हुई जिसमें उन्होंने उन क्षेत्रों पर चर्चा की जहां हमारे हित मिलते हैं, और उन क्षेत्रों पर जहां हमारे हित, मूल्य और दृष्टिकोण भिन्न हैं।’
व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि बढ़ते मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन और कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु संकट को रोकने सहित आपसी सरोकार के मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं।
हालांकि, चीन ने अमेरिकी दबाव का विरोध करते हुए कहा है कि जब तक बाइडन चीन के आंतरिक मामलों की आलोचना बंद नहीं करते तब तक बीजिंग व्यापक रूप से असहयोग जारी रख सकता