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US: अमेरिका ने ट्रंप के लिए मांगा शांति का नोबल; भारत-पाकिस्तान संघर्ष की बात कर कैरोलिन लेविट ने किया ये दावा

Fri, 01 Aug 2025 12:32 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 01 Aug 2025 12:32 AM IST
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US asked for Nobel Peace Prize for Trump; Caroline Levitt made big claim talking about India-Pakistan conflict
कैरोलिन लेविट, प्रेस सचिव, व्हाइट हाउस - फोटो : ANI

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए शांति के नोबल पुरस्कार की मांग की। लेविट ने बृहस्पतिवार की रात नियमित पत्रकार वार्ता में कहा, राष्ट्रपति ट्रंप अब तक थाईलैंड और कंबोडिया, इस्राइल और ईरान, रवांडा और कांगो, भारत-पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो और मिस्र एवं इथियोपिया के बीच संघर्षों को रुकवा चुके हैं। ट्रंप ने औसतन हर महीने एक विवाद को शांतिपूर्ण समाधान निकाला है। यह उन्हें शांति का नोबल दिए जाने का उचित समय है।

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लेविट ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे हिंसक संघर्ष को तत्काल रुकवाने के लिए मध्यस्थता की। उन्होंने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से सीधे फोन पर बात कर उन्हें बता दिया कि यदि संघर्ष नहीं रुकता है तो दोनों देशों के साथ किसी तरह की व्यापार वार्ता या समझौता नहीं होगा। इसके तत्काल बाद दोनों पक्षों में शांति स्थापित हो गई। इससे दोनों देशों में हजारों जानें बचीं और व्यापार वार्ता फिर शुरू होने की स्थिति बन पाई।
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इस दौरान उन्होंने अमेरिका-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर भी बात की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह समझौता इस बात की गारंटी देता है कि अमेरिकी व्यवसायों को हमारे अमेरिकी-निर्मित सामानों के निर्यात के लिए यूरोपीय संघ के बाजार में अभूतपूर्व पहुंच प्राप्त होगी। यूरोपीय संघ अपने ऊर्जा प्रभुत्व को मजबूत करने, प्रतिकूल स्रोतों पर यूरोपीय निर्भरता को कम करने और यूरोपीय संघ के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करने के लिए 750 अरब डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा खरीदेगा। इसके अलावा, यूरोपीय संघ अमेरिका में 60 अरब डॉलर का नया निवेश भी करेगा। ये सभी खरीद और निवेश 2028 के अंत तक हो जाएँगे।
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