फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US and Un condemns Taliban restrictions on women education

Taliban: महिलाओं की शिक्षा पर तालिबान के प्रतिबंधों की चौतरफा निंदा, यूएन,अमेरिका और भारत ने जारी किया बयान

Wed, 21 Dec 2022 01:16 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 21 Dec 2022 01:16 PM IST
सार

तालिबान ने अफगानिस्तान के लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वादा किया था कि स्कूल फिर से खुलेंगे। लेकिन फिर वह वादाखिलाफी करते हुए अपने पुरान रूप में आ गया है और लड़कियों एवं महिलाओं के हक छीनने का काम शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
US and Un condemns Taliban restrictions on women education
तालिबानी लड़कियां - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में तालिबान के हालिया निर्णय की निंदा की है। व्हाइट हाउस एनएससी के प्रवक्ता एड्रिएन वाटसन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका अफगान महिलाओं को विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने से रोकने के लिए तालिबान के अक्षम्य निर्णय की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने और उन्हें अपने मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का प्रयोग करने से रोकने के लिए तालिबान नेतृत्व का यह सबसे निंदनीय कृत्य है। वॉटसन ने कहा कि अफगानिस्तान की आधी आबादी को पीछे रखने के इस अस्वीकार्य रुख के परिणामस्वरूप, तालिबान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से और अलग हो जाएगा और अपनी इच्छा की वैधता से वंचित हो जाएगा।

विज्ञापन


हम अफगानिस्तान के लोगों की हक के लिए आगे आएंगे: अमेरिका
एड्रिएन वाटसन ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस मुद्दे पर अपने भागीदारों और सहयोगियों के साथ संपर्क में है। हम अफगान महिलाओं और लड़कियों का समर्थन करने और अफगानिस्तान के लोगों को मजबूत मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए अपने साझा प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाना जारी रखेंगे। 
विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी तालिबान के इस कदम पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने विश्वविद्यालयों में महिलाओं और लड़कियों की पहुंच को निलंबित कर दिया है। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा से इनकार न केवल महिलाओं और लड़कियों के समान अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि देश के भविष्य पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


अफगानिस्तान में महिलाओं की शिक्षा पर प्रतिबंध मामले में 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में विदेश मंत्रालय के एक सचिव संजय वर्मा ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर गहराई से चिंतित है। वर्मा ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और देश से संबंधित मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।

तालिबान महिलाओं को शिक्षा से वंचित करने के लिए जारी किया फरमान
उच्च शिक्षा मंत्रालय ने एक पत्र में अगली घोषणा तक अफगानिस्तान में छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दे दिया है। ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) के अनुसार, तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया और बुनियादी अधिकारों को गंभीर रूप से प्रतिबंधित करने वाली नीतियां लागू कीं, विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ।


महिला अकेली कहीं नहीं जा सकती
तालिबान का एक और फरमान महिलाओं को तब तक यात्रा करने से रोकता है जब तक कि उनके साथ कोई पुरुष रिश्तेदार न हो और महिलाओं के चेहरे को सार्वजनिक रूप से ढकने की आवश्यकता होती है साथ ही जब महिला ऐंकर न्यूज पढ़ेगी तो उसका मुंह भी ढंका होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed