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Rashad Hussain: अमेरिकी राजदूत रशद हुसैन ने भारत में नरसंहार का बड़ा खतरा जताया, जानें क्या-क्या कहा?
Fri, 01 Jul 2022 08:38 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 01 Jul 2022 08:38 AM IST
सार
अमेरिकी अर्ली वार्निंग प्रोजेक्ट ने भारत को उन देशों की सूची में दूसरे नंबर पर रखा है, जहां सामूहिक हत्याओं का खतरा सबसे ज्यादा है।
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राजदूत रशद हुसैन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर भारतवंशी अमेरिकी राजदूत रशद हुसैन ने भारत में नरसंहार का बड़ा खतरा प्रकट किया है। उन्होंने भारत में हुई कई घटनाओं व जारी किए गए बयानों को लेकर अपनी राय प्रकट करते हुए चिंता जताई है। भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर एक अमेरिकी समिति के समक्ष बोलते हुए हुसैन ने कहा कि होलोकॉस्ट म्यूजियम से जुड़े अर्ली वार्निंग प्रोजेक्ट ने भारत को उन देशों की सूची में दूसरे नंबर पर रखा है, जहां सामूहिक हत्याओं का खतरा सबसे ज्यादा है।
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हुसैन ने गुरुवार को कहा कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकार खतरे में हैं और अमेरिका इस बारे में भारत को सीधे अपनी चिंताओं से अवगत करा रहा है। हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून और नरसंहार के खुले आह्वानों का भी जिक्र किया। हुसैन ने समिति से कहा कि हम भारत में चर्चों पर हमले और हिजाब पाबंदी जैसे मामले देखे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक मंत्री ने तो भारत में मुस्लिमों को दीमक तक कह डाला। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी धार्मिक स्वतंत्रता पर रिपोर्ट जारी करते हुए भारत को लेकर चिंता जताने के साथ कुछ विवादित बातें कहीं थीं, जिन पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने ऐतराज जताया था। रिपोर्ट में भारत में धर्मस्थलों पर हमले के बढ़ते खतरे को लेकर भी चिंता जताई गई थी।
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सभी के अधिकारों की रक्षा करनी होगी
अमेरिकी राजदूत हुसैन ने कहा कि मुसलमानों, ईसाइयों, सिखों, दलितों और आदिवासियों का जिक्र करते हुए हुसैन ने कहा कि सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी होगी। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक ऐसा देश है जहां, अमेरिका की तरह हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम मूल्यों पर खरा उतरें ताकि सभी लोगों की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
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एंबेसडर-एट-लार्ज हैं हुसैन, बिहार मूल के हैं
भारतवंशी अमेरिकी वकील रशद हुसैन को बाइडन प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता का एंबेसडर-एट-लार्ज बनाया है। हुसैन बाइडन सरकार में किसी महत्वपूर्ण पद के लिए नामित पहले मुस्लिम हैं। एंबेसडर-एट-लार्ज ऐसा राजदूत होता है, जिसे विशेष जिम्मेदारियां दी जाती है, लेकिन वह किसी खास देश के लिए नियुक्त नहीं होता है। रशद हुसैन बिहार मूल के हैं। उन्हें 500 प्रभावशाली मुस्लिम लोगों में शामिल किया गया था। हुसैन वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सहयोग और वैश्विक भागीदारी के लिए निदेशक हैं। हुसैन इससे पहले न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा खंड में वरिष्ठ वकील के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में वह इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के लिए विशेष दूत, सामरिक आतंकवाद रोधी संचार के लिए अमेरिका के विशेष दूत रहे थे।