United States: जो बाइडन को दोबारा क्यों लिखना पड़ रहा है अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण को?
United States: विश्लेषकों के मुताबिक बाइडन प्रशासन ने पहले गुब्बारे को ज्यादा तरजीह न देने का मन बनाया था। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने इस मामले में उसकी कड़ी आलोचना शुरू कर दी। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन ने गुब्बारे को मार गिराने का आदेश दिया...
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अमेरिकी जनता राष्ट्रपति जो बाइडन के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण के इंतजार में हैं। हर साल दिया जाने वाला राष्ट्रपति का यह भाषण सरकार का प्रमुख नीति वक्तव्य होता है। राष्ट्रपति बाइडन मंगलवार को यह भाषण कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में देंगे।
अमेरिकी मीडिया में छपी खबरों में कहा गया है कि इस बार बाइडन के भाषण में चीन एक ‘बिन बुलाया मेहमान’ होगा। इस भाषण के जरिए बाइडन देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आने और बेरोजगारी में रिकॉर्ड गिरावट का श्रेय लेने की तैयारी में थे। इसी बीच चीन के गुब्बारे की घटना हो गई। अब संभावना है कि उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा इसी घटना पर केंद्रित होगा।
वेबसाइट एक्सियोस.कॉम पर छपी एक खबर के मुताबिक बाइडन के भाषण लेखकों को इस कारण फिर से यह स्पीच तैयार करनी पड़ रही है। अमेरिका ने दिशा भटक कर अमेरिकी वायु क्षेत्र में पहुंच गए चीनी गुब्बारे को मार गिराया है। अब बाइडन अपने भाषण के जरिए चीन को संदेश देंगे कि अमेरिका अपने वायु क्षेत्र के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा।
विश्लेषकों के मुताबिक बाइडन प्रशासन ने पहले गुब्बारे को ज्यादा तरजीह ना देने का मन बनाया था। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने इस मामले में उसकी कड़ी आलोचना शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइडन प्रशासन अमेरिकी वायु क्षेत्र की रक्षा करने में विफल रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन ने गुब्बारे को मार गिराने का आदेश दिया। अब अपने स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच में वे इस मामले में सख्त रुख दिखाने का श्रेय लेंगे।
कूटनीति विशेषज्ञों के मुताबिक इस घटना से बाइडन प्रशासन के लिए मुश्किल ख़ड़ी हुई है। राष्ट्रपति बाइडन चीन के साथ संपर्क पूरी तरह नहीं तोड़ना चाहते। जबकि गुब्बारे के कारण अमेरिका में बने सियासी माहौल के बीच विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन को अपनी प्रस्तावित चीन यात्रा स्थगित करने का एलान करना पड़ा।
एक्सियोस.कॉम की रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि पिछले वर्ष भी बाइडन को अपने स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच को दोबारा लिखवाना पड़ा था। पिछले साल उन्होंने अपना भाषण यूक्रेन पर रूस का हमला होने के छह दिन बाद दिया था। इस कारण उनके भाषण पर यही घटना हावी हो गई थी, जबकि पहले से तय मुद्दे पृष्ठभूमि में चले गए थे। एक बार फिर वैसा ही होता दिख रहा है।
इस बीच रिपब्लिकन नेताओं ने गुब्बारा कांड पर बाइडन प्रशासन की प्रतिक्रिया की जांच करने का इरादा जताया है। कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में उनका बहुमत है। इसलिए वे ऐसी जांच शुरू करवाने की स्थिति में हैं। विश्लेषकों के मुताबिक जो बाइडन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में फिर उम्मीदवार बनने की तैयारी में हैं। इसे देखते हुए रिपब्लिकन पार्टी उन्हें घेरने का कोई मौका हाथ से निकलने देने को तैयार नहीं है।
विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच की तैयारी महीनों पहले शुरू कर दी जाती है। इसके जरिए राष्ट्रपति अपने प्रशासन की पूरी तस्वीर और अपनी प्रिय योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी देश के सामने रखना चाहते हैं। लेकिन बाइडन के साथ लगातार ऐसा दूसरी बार होगा, जब उनकी पहले की तैयारियां ताजा हुई घटना के साये में छिप जाएंगी।