{"_id":"5fdd35bc8ebc3e3fc56676d3","slug":"united-states-space-force-says-its-space-professionals-will-be-known-as-guardians","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिकी स्पेस फोर्स का एलान, इसके जांबाज अब कहलाए जाएंगे 'गार्जियंस'","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिकी स्पेस फोर्स का एलान, इसके जांबाज अब कहलाए जाएंगे 'गार्जियंस'
Sat, 19 Dec 2020 04:36 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 19 Dec 2020 04:36 AM IST
विज्ञापन
अमेरिका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिकी स्पेस फोर्स (United States Space Force) ने कहा है कि उसके जवान अब गार्जियंस कहलाए जाएंगे। इसने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। इसमें कहा गया है- वर्षों की प्रक्रिया जिसमें अंतरिक्ष प्रोफेशनलों की भागीदारी से हजारों मिशन और रिसर्च अंजाम दिए गए हैं। अंतत: आज हम आपके साथ साझा कर सकते हैं कि हमें किसी नाम से बुलाया जाएगा- गार्जियंस।
विज्ञापन
क्या है स्पेस फोर्स
अमेरिका अंतरिक्ष फोर्स छठे सशस्त्र बल के रूप में सामने आई है। नेवी, आर्मी, मरीन कॉर्प्स, एयर फोर्स और कोस्ट गार्ड के बाद इस बल का गठन अमेरिका ने इसलिए किया ताकि अंतरिक्ष में उसका दबदबा कायम रह सके। अंतरिक्ष में प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ मुकाबला किया जा सके। यह अंतरिक्ष सेना है और चीन व रूस के बाद अमेरिका तीसरा देश है, जिसके पास इस तरह की सेना है।
अमेरिका ने करीब दो साल पहले इस फोर्स के बारे में घोषणा की थी। ये वास्तविक रूप से अंतरिक्ष में तैनात नहीं होते हैं बल्कि अमेरिकी उपग्रहों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं।
विज्ञापन
Today, after a yearlong process that produced hundreds of submissions and research involving space professionals and members of the general public, we can finally share with you the name by which we will be known: Guardians. pic.twitter.com/Tmlff4LKW6
— United States Space Force (@SpaceForceDoD) December 18, 2020विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है स्पेस फोर्स
अमेरिका अंतरिक्ष फोर्स छठे सशस्त्र बल के रूप में सामने आई है। नेवी, आर्मी, मरीन कॉर्प्स, एयर फोर्स और कोस्ट गार्ड के बाद इस बल का गठन अमेरिका ने इसलिए किया ताकि अंतरिक्ष में उसका दबदबा कायम रह सके। अंतरिक्ष में प्रतिद्वंद्वी देशों के साथ मुकाबला किया जा सके। यह अंतरिक्ष सेना है और चीन व रूस के बाद अमेरिका तीसरा देश है, जिसके पास इस तरह की सेना है।
अमेरिका ने करीब दो साल पहले इस फोर्स के बारे में घोषणा की थी। ये वास्तविक रूप से अंतरिक्ष में तैनात नहीं होते हैं बल्कि अमेरिकी उपग्रहों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं।