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United Nations:संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा- सुरक्षा परिषद में विस्तार बेहद जरूरी
Fri, 10 Mar 2023 02:23 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 10 Mar 2023 02:23 PM IST
सार
कंबोज ने कहा कि अगर देश चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद अधिक जवाबदेह और भरोसेमंद बने तो इसमें विस्तार ही एकमात्र रास्ता है।
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रुचिरा कंबोज, संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी राजदूत।
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की स्थायी और अस्थायी श्रेणियों में विस्तार बेहद जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि सुरक्षा परिषद में विस्तार के बाद ही विकासशील देशों को भी वैश्विक निकाय में आवाज मिल सकेगी। भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल करने की भी जोरदार वकालत की। कंबोज ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी रूप से शामिल करने और इसकी स्थायी और अस्थायी श्रेणियों का विस्तार ही एकमात्र रास्ता है, जिससे सुरक्षा परिषद की फैसले लेने की ताकत और समकालीन भू राजनीति की हकीकत को एकसाथ मिलाया जा सकता है।
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गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की इनफॉर्मल मीटिंग ऑफ द पलेनरी ऑन द इंटरगवर्मेंटल नेगोसिएशन (IGN) बैठक में बोलते हुए रुचिरा कंबोज ने ये बात कही। कंबोज ने कहा कि 'हमें ऐसी सुरक्षा परिषद की जरूरत है, जो संयुक्त राष्ट्र में विकसित हो रही विविधता और भू राजनीति को प्रदर्शित करे। एक ऐसी सुरक्षा परिषद , जिसमें विकासशील देशों और उन इलाकों की भी आवाज हो, जिन्हें प्रतिनिधित्व ना मिला हो, ऐसे देशों में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया प्रशांत की बड़ी आबादी शामिल है। ऐसे देशों को उनका हक मिलना चाहिए।' कंबोज ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी श्रेणियों में 15-15 देशों को शामिल किया जाना चाहिए।
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कंबोज ने कहा कि अगर देश चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद अधिक जवाबदेह और भरोसेमंद बने तो इसमें विस्तार ही एकमात्र रास्ता है। इस बैठक में दो मुद्दों पर बातचीत हुई, जिनमें सुरक्षा परिषद के विस्तार और इसके काम करने के तरीके और सुरक्षा परिषद और आम सभा के बीच के रिश्तों पर चर्चा हुई।
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र परिषद, संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है। 24 अक्टूबर 1945 को इसकी स्थापना की गई थी। अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने और संयुक्त राष्ट्र में किसी भी बदलाव को मंजूरी देने की जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर ही है। इसके पांच स्थायी सदस्य हैं। जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस शामिल हैं। लंबे समय से भारत को भी इसमें शामिल करने की मांग की जा रही है।