फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   United Nation condemns Pakistan for violence against religious minorities

धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा पर पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा

Thu, 10 Sep 2020 01:52 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 10 Sep 2020 01:52 AM IST
विज्ञापन
United Nation condemns Pakistan for violence against religious minorities
imran khan, mahathir and Erdogan - फोटो : AmarUjala

पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर निंदा का शिकार होना पड़ा है। इस बार संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निकाय ने पाकिस्तानी नेतृत्व को धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के लिए निंदा करने का आव्हान किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पाकिस्तान में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी हिंसा पर अपनी चिंता भी जाहिर की है।

विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने जेनेवा में कहा पाकिस्तान में मानवाधिकार से जुड़े लोगों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से हमले जारी हैं। विशेष रूप से महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले चिंता की बड़ी वजह हैं। डॉन अखबार का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने कहा, पिछले माह सरकारी नीतियों की निंदा करने वाली महिला पत्रकारों को सोशल मीडिया पर हमला किया गया।
विज्ञापन


महिला पत्रकारों को सार्वजनिक चेतावनी भी दी गई। इसमें लिंग-आधारित भेदभाव और जान से मारने की धमकी शामिल थी। बयान में कहा गया है कि पिछले साल कम से कम चार पत्रकार और ब्लॉगर मारे गए। उनमें से एक लाहौर में गोली मारकर हत्या करने वाली महिला आरोज इकबाल थी। इसी माह, पत्रकार शहीना शाहीन की बलूचिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इमरान सरकार को दी नसीहत
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने पाकिस्तानी सरकार से देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर इमरान सरकार की कठोर निंदा की है। प्रवक्ता रूपर्ट कोलविले ने इमरान सरकार को नसीहत दी कि देश में वैचारिक विविधता का सम्मान होना चाहिए और इसे प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा, सरकार को अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार के लिए सभी बाधाओं को दूर करने की कोशिशें करना चाहिए।


हमलावरों पर मुकदमा तक नहीं किया जाता
संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निकाय ने कहा कि हैरत की बात यह है कि पाकिस्तान में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या हो जाती है और इस तरह के मामलों की जांच तक नहीं की जाती है। ऐसे लोगों पर मुकदमा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमने सीधे सरकार के साथ अपनी चिंताओं को उठाया है। पाकिस्तान को इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed