फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Malala Yousafzai declared most famous teenager of decade by United Nations

संयुक्त राष्ट्र ने मलाला यूसुफजई को 'दशक की सबसे प्रसिद्ध किशोरी' घोषित किया

Fri, 27 Dec 2019 04:41 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 27 Dec 2019 04:41 PM IST
विज्ञापन
Malala Yousafzai declared most famous teenager of decade by United Nations
malala yousafzai

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी 'डिकेड इन रिव्यू' यानी दशक की समीक्षा रिपोर्ट में पाकिस्तानी शिक्षा कार्यकर्ता और नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को दुनिया की सबसे प्रसिद्ध किशोरी घोषित किया है। 2014 में मलाला को बच्चों के अधिकारों के प्रयास के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। वह सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली शख्सियत हैं।

विज्ञापन


नौ अक्टूबर 2012 को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में तालिबानी आतंकियों ने मलाला के सिर में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल मलाला को इलाज के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था जहां उन्हें क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन


मलाला पर हुए हमले की खबरे दुनिया भर में सुर्खियां बनी और इससे ममला की सक्रियता दुनिया भर में बढ़ गई। जिसको देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें 2017 में यूएन मैसेंजर ऑफ पीस बनाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मलाला पर हमला क्यों हुआ था?

11 साल की उम्र में मलाला ने बीबीसी उर्दू सेवा के लिए एक गुमनाम ब्लॉग लिखना शुरू किया था। इस ब्लॉग में वो तालिबान शासन के दौरान अपने जीवन के बारे में लिखा करती थीं। मलाला महिला शिक्षा को लेकर शुरुआत से ही मुखर रही हैं, इसलिए तालिबान ने जान-बूझकर उन्हें निशाना बनाया।


वो पंद्रह साल की थीं जब उनकी स्कूल बस पर हमला किया गया। उस वक्त इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। पाकिस्तानी तालिबान ने इस हमले के बाद जारी किए बयान में कहा था कि मलाला पश्चिमी सभ्यता की समर्थक हैं और पश्तो इलाके में वो इसका प्रचार कर रही हैं।

मलाला ने तब से अब तक क्या किया?

पूरी तरह से फिट होने के बाद मलाला ने बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों के बारे में बोलना शुरू किया। इसके बाद अपने पिता जियाउद्दीन के साथ मिलकर उन्होंने 'मलाला फंड' नाम की एक चैरिटी संस्था की स्थापना की जिसका मकसद दुनिया की हर लड़की के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना है।



साल 2014 में मलाला नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा हस्ती बनीं। साथ ही पहली पाकिस्तानी भी जिसने ये अवॉर्ड जीता। फिलहाल वो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रही हैं और पढ़ाई के साथ अपने अभियान पर काम कर रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed