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Ukraine: 'विवेकहीन युद्ध' पर विराम लगाने के लिए दोगुने प्रयासों की जरूरत
Fri, 23 Sep 2022 04:44 PM IST
शैलजा श्रीवास्तव
यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार
Published by: शैलजा श्रीवास्तव
Updated Fri, 23 Sep 2022 04:44 PM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने सुरक्षा परिषद में विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन में युद्ध के अंत के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सदस्य देशों को तनाव बढ़ने से रोकने के लिए अपने प्रयास बढ़ाने होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण किया था और यह हिंसक युद्ध अब अपने सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। मगर, इस संघर्ष से विश्व भर में भोजन, ऊर्जा व वित्तीय संकट भी उत्पन्न हुआ है, जिसने बड़ी संख्या में लोगों को अत्यधिक गरीबी और भूख की गर्त में धकेला है। इसके साथ ही, परमाणु तबाही होने की आशंका भी बढ़ रही है।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि जैसे कि मैंने शुरू से ही कहा है, इस बेतुके युद्ध से यूक्रेन और दुनिया भर में भयावह नुकसान होने की असीमित संभावना है। यूक्रेन की इस पीड़ा का अंत करने का केवल एक ही रास्ता है- युद्ध की समाप्ती।
यूएन महासचिव ने बुधवार को यूक्रेन और रूस के बीच 250 से अधिक युद्धबंदियों की अदला-बदली किए जाने की खबर को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने दोनों पक्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे आने वाले दिनों में और अदला-बदली का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस समझौते को संभव बनाने के लिए तुर्की और सऊदी अरब का आभार व्यक्त किया है।
'अकथनीय पीड़ा और तबाही'
गुरुवार को सुरक्षा परिषद में यह बैठक, यूएन महासभा के वार्षिक सत्र में उच्चस्तरीय जनरल डिबेट के दौरान आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों के साथ ही यूक्रेन और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। यूएन के शीर्ष अधिकारी ने क्षोभ व्यक्त किया कि यूक्रेन में युद्ध के कारण अत्यधित पीड़ा और तबाही हुई है।
उन्होंने चिन्ता जताई कि नवीनतम घटनाक्रम, परमाणु विनाश की आशंका, भय और खूनखराबे के अन्तहीन चक्र की ओर ही ले जाएगा। हिंसा में अब तक हजारों आम नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें सैकड़ों बच्चे हैं जबकि एक करोड़ 40 लाख लोग अपना घर छोड़ने जाने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि- हर दिन, औसतन पांच बच्चे या तो मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। यूक्रेन में लगभग हर बच्चे के लिए युद्ध में हिंसा से लेकर परिवार से दूर हो जाना एक बुरे सपने जैसा है।
नहीं थम रहा क्रूरता का सिलसिला
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने क्रूरतापूर्ण घटनाओं की खबरों की एक फेहरिस्त तैयार की है। इनमें आम नागरिकों व युद्धबंदियों की बिना सुनवाई के हत्या कर दिए जाने, यौन हिंसा, यातना व अन्य अमानवीय बर्ताव के मामले दर्ज किए गए हैं।
यूएन प्रमुख ने इजियूम शहर में सामूहिक कब्रों को बेहद व्यथित कर देने वाला बताया। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में ओलेनिवका में एक डिटेंशन फैसिलिटी में हुए घातक विस्फोट की पड़ताल के लिए एक दल गठित किया गया है, और जल्द ही उन्हें तैनात किए जाने की संभावना है।
आवश्यकताओं की आपूर्ति
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने जरूरतमंदों तक मानवीय राहत पहुंचाने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हैं, जिसे संभव बनाने के लिए यूएन महासचिव ने सीधे तौर पर यूक्रेन व रूस के राष्ट्रपति से बातचीत की थी। यूएन और साझीदार संगठनों ने अब तक एक करोड़ 30 लाख लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाई हैं। तुर्की के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र ने जुलाई महीने में एक महत्वपूर्ण समझौते को मूर्त रूप दिया, जिससे काला सागर के जरिए अनाज व उर्वरक की आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उसके बाद से अब तक, लगभग 30 देशों में 43 लाख मीट्रिक टन खाद्य सामग्री उप्लब्ध कराई गई है। इनमें विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा अफगानिस्तान, हॉर्न ऑफ अफ्रीका और यमन में संचालित राहत अभियान भी शामिल हैं।
आईसीसी जांच
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के मुख्य अभियोजक करीम खान ने भी सुरक्षा परिषद को जनसंहार, युद्धापराधों और मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोपों की पड़ताल के सिलसिले के विषय में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के कुछ ही सप्ताह बाद, आईसीसी ने अपनी जांच आरंभ कर दी थी। कर्मचारी फिलहाल फॉरेंसिक जांच समेत अन्य कार्यों में जुटे हैं और मई महीने से देश में उपस्थित हैं।
मुख्य अभियोजक के अनुसार, इस कार्य के माध्यम से एक नई तस्वीर उभरेगी। फिलहाल अब तक हमने जो तस्वीर देखी है, वह निसंदेह परेशान कर देने वाली है।
उन्होंने बताया कि वे तीन बार यूक्रेन की यात्रा कर चुके हैं और तबाही व विध्वंस देखने के बाद उनका संकल्प और ज्यादा मजबूत हुआ है। उनके अनुसार यह मानने का तर्कसंगत आधार है कि अपराध न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में किए गए हैं।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
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Today, the @UN Security Council gathered for a high-level meeting on the maintenance of peace and security of #Ukraine. To learn more about high-level meetings held this past year, follow #UNSCAD's Monthly Newsletter 📢 : https://t.co/2O4CCzxgte pic.twitter.com/QlOLpAQX4L
— UN Political and Peacebuilding Affairs (@UNDPPA) September 22, 2022विज्ञापन
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि जैसे कि मैंने शुरू से ही कहा है, इस बेतुके युद्ध से यूक्रेन और दुनिया भर में भयावह नुकसान होने की असीमित संभावना है। यूक्रेन की इस पीड़ा का अंत करने का केवल एक ही रास्ता है- युद्ध की समाप्ती।
यूएन महासचिव ने बुधवार को यूक्रेन और रूस के बीच 250 से अधिक युद्धबंदियों की अदला-बदली किए जाने की खबर को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने दोनों पक्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे आने वाले दिनों में और अदला-बदली का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही उन्होंने इस समझौते को संभव बनाने के लिए तुर्की और सऊदी अरब का आभार व्यक्त किया है।
'अकथनीय पीड़ा और तबाही'
गुरुवार को सुरक्षा परिषद में यह बैठक, यूएन महासभा के वार्षिक सत्र में उच्चस्तरीय जनरल डिबेट के दौरान आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों के साथ ही यूक्रेन और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। यूएन के शीर्ष अधिकारी ने क्षोभ व्यक्त किया कि यूक्रेन में युद्ध के कारण अत्यधित पीड़ा और तबाही हुई है।
उन्होंने चिन्ता जताई कि नवीनतम घटनाक्रम, परमाणु विनाश की आशंका, भय और खूनखराबे के अन्तहीन चक्र की ओर ही ले जाएगा। हिंसा में अब तक हजारों आम नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें सैकड़ों बच्चे हैं जबकि एक करोड़ 40 लाख लोग अपना घर छोड़ने जाने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि- हर दिन, औसतन पांच बच्चे या तो मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। यूक्रेन में लगभग हर बच्चे के लिए युद्ध में हिंसा से लेकर परिवार से दूर हो जाना एक बुरे सपने जैसा है।
नहीं थम रहा क्रूरता का सिलसिला
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने क्रूरतापूर्ण घटनाओं की खबरों की एक फेहरिस्त तैयार की है। इनमें आम नागरिकों व युद्धबंदियों की बिना सुनवाई के हत्या कर दिए जाने, यौन हिंसा, यातना व अन्य अमानवीय बर्ताव के मामले दर्ज किए गए हैं।
यूएन प्रमुख ने इजियूम शहर में सामूहिक कब्रों को बेहद व्यथित कर देने वाला बताया। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में ओलेनिवका में एक डिटेंशन फैसिलिटी में हुए घातक विस्फोट की पड़ताल के लिए एक दल गठित किया गया है, और जल्द ही उन्हें तैनात किए जाने की संभावना है।
आवश्यकताओं की आपूर्ति
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने जरूरतमंदों तक मानवीय राहत पहुंचाने के लिए अपने प्रयास जारी रखे हैं, जिसे संभव बनाने के लिए यूएन महासचिव ने सीधे तौर पर यूक्रेन व रूस के राष्ट्रपति से बातचीत की थी। यूएन और साझीदार संगठनों ने अब तक एक करोड़ 30 लाख लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाई हैं। तुर्की के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र ने जुलाई महीने में एक महत्वपूर्ण समझौते को मूर्त रूप दिया, जिससे काला सागर के जरिए अनाज व उर्वरक की आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उसके बाद से अब तक, लगभग 30 देशों में 43 लाख मीट्रिक टन खाद्य सामग्री उप्लब्ध कराई गई है। इनमें विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा अफगानिस्तान, हॉर्न ऑफ अफ्रीका और यमन में संचालित राहत अभियान भी शामिल हैं।
आईसीसी जांच
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के मुख्य अभियोजक करीम खान ने भी सुरक्षा परिषद को जनसंहार, युद्धापराधों और मानवता के विरुद्ध अपराध के आरोपों की पड़ताल के सिलसिले के विषय में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के कुछ ही सप्ताह बाद, आईसीसी ने अपनी जांच आरंभ कर दी थी। कर्मचारी फिलहाल फॉरेंसिक जांच समेत अन्य कार्यों में जुटे हैं और मई महीने से देश में उपस्थित हैं।
मुख्य अभियोजक के अनुसार, इस कार्य के माध्यम से एक नई तस्वीर उभरेगी। फिलहाल अब तक हमने जो तस्वीर देखी है, वह निसंदेह परेशान कर देने वाली है।
उन्होंने बताया कि वे तीन बार यूक्रेन की यात्रा कर चुके हैं और तबाही व विध्वंस देखने के बाद उनका संकल्प और ज्यादा मजबूत हुआ है। उनके अनुसार यह मानने का तर्कसंगत आधार है कि अपराध न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में किए गए हैं।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)