Britain: पीएम ऋषि सुनक की अवैध आव्रजन विधेयक ने पार की संसदीय बाधा, अब किंग की मंजूरी मिलते ही बनेगा कानून
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के अवैध आव्रजन विधेयक ने लंबे समय से चली आ रही संसदीय बाधा को दूर कर दिया है और किंग चार्ल्स तृतीय की शाही मंजूरी के बाद यह जल्द ही कानून बन जाएगा।विधेयक के तहत ब्रिटेन के गृह मंत्री का कानूनी कर्तव्य होगा कि वह ब्रिटेन में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में ले और उसे हटाए। हाउस ऑफ लॉर्ड्स में सोमवार देर रात तक चली बहस में विधेयक में और संशोधनों को खारिज कर दिया गया और इस मुद्दे पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध के बाद इसे पारित कर दिया गया।
पूर्व पीएम थेरेसा मे ने किया बिल के विरोध का नेतृत्व
पिछले कुछ हफ्तों में, बिल हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स के बीच कई बार पारित हुआ। जिसे अक्सर ब्रिटिश राजनीति में संसदीय पिंग-पोंग कहा जाता है यह तब तक जारी रहता है जब तक किसी मसले पर आम सहमति नहीं बन जाती। कॉमन्स में पूर्व प्रधान मंत्री थेरेसा मे ने आधुनिक दासता के पीड़ितों के लिए ब्रिटेन की शरण प्रणाली तक पहुंच को प्रतिबंधित करने की योजना के विरोध की शृंखला का नेतृत्व किया। सरकार ने तर्क दिया कि आधुनिक दासता के संभावित शिकार के रूप में पहचाने जाने वाले किसी भी व्यक्ति को घर या किसी अन्य "सुरक्षित देश में उन लोगों से दूर कर दिया जाएगा जिन्होंने उनकी तस्करी की है"। हालांकि, मे ने गुलामी के संदिग्ध पीड़ितों के लिए विधेयक से छूट के लिए मतदान नहीं किया, जिससे इसके पारित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा- हम जनता से किए वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध
एक बार विधेयक के कानून बन जाने के बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन का यह कानूनी कर्तव्य होगा कि वह अवैध रूप से ब्रिटेन आने वालों को वापस उनके देश भेज दें। ब्रेवरमैन ने मीडिया को बताया, "प्रधानमंत्री (ऋषि सुनक) और मैंने ब्रिटिश लोगों से बाहर से आने वाली अवैध अप्रवासियों से भरी नौकाओं को रोकने का वादा किया है। उन्होंने कहा, "हम उस वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे पास एक अस्थिर समस्या है जिसे हमें ठीक करने की आवश्यकता है।"