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UK: ब्रिटेन में आम चुनाव के लिए वोटिंग जारी, जानिए क्या है शाही परिवार में मतदान की परंपरा
Thu, 04 Jul 2024 07:00 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 04 Jul 2024 07:00 PM IST
सार
UK: राजनीतिक टिप्पणीकार फिट्जविलियम्स ने टाइम पत्रिका को बताया कि कि भले ही किंग देश के प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है। लेकिन पिछले 300 वर्षों में ब्रिटेन में किंग की राजनीतिक शक्ति कम हुई है। आखिरी बार एक सम्राट ने संसद द्वारा पारित विधेयक पर साल 1708 में वीटो का इस्तेमाल किया था।
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ब्रिटेन का शाही परिवार
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
ब्रिटेन में गुरुवार 2024 के आम चुनाव के लिए मतदान जारी हैं। करीब 46.5 मिलियन (4 करोड़ 65 लाख) लोग मतदान करने के लिए पात्र हैं। लेकिन किंग चार्ल्स तृतीय और शाही परिवार इसमें शामिल नहीं है। वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करते हैं। ऐसा वह राजनीतिक तटस्थता को सुनिश्चित करने के लिए करते हैं। हालांकि, शाही परिवार के सदस्यों को किसी भी अन्य ब्रिटिश नागरिक की तरह ही मतदान का अधिकार हासिल है।
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इस साल के आम चुनावों में प्रमुख सियासी दलों में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वली कंजर्वेटिव पार्टी, कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी, एड डेवी के नेतृत्व वाली लिबरल डेमोक्रिटिक पार्टी, निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके, जॉन स्विनी के नेतृत्व वाली स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) और कार्ला डेनियर और एड्रियन रामसे के सह-नेतृत्व वाली ग्रीन पार्टी शामिल हैं।
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किंग्स कॉलेज के प्रोफेसर रॉबर्ट ब्लैकबर्न ने टाइम पत्रिका को बताया कि किंग और शाही परिवार के सदस्य कानूनी रूप से अन्य मतदान के लिए पात्र नागरिकों की तरह आम चुनावों में वोट डाल सकते हैं। लेकिन (सभी सियासी दलों के लिए) निष्पक्ष व्यवहार को बनाए रखने के लिए वे ऐसा करते हैं। खासकर यह मीडिया में अटकलों की वजह बनता है। ऐसा वह किसी भी सियासी दल के लिए राजनीतिक निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए करते हैं।
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राजनीतिक टिप्पणीकार फिट्जविलियम्स ने टाइम पत्रिका को बताया कि कि भले ही किंग देश के प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है। लेकिन पिछले 300 वर्षों में ब्रिटेन में किंग की राजनीतिक शक्ति कम हुई है। आखिरी बार एक किंग ने संसद द्वारा पारित विधेयक पर साल 1708 में वीटो का इस्तेमाल किया था। तब क्वीन ऐनी ने स्कॉटिश मिलिशिया विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इस विधेयक का मकसद स्कॉटिश मिलिशिया को हथियारों से लैस करना था।
उन्होंने बताया कि किसी किंग द्वारा खुलेआम एक प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को दूसरे की तुलना में ज्यादा समर्थन देने का सबसे हालिया ज्ञात उदाहरण 1894 का था। तब क्वीन विक्टोरिया ने सार्वजनिक तौर पर टोरी पार्टी के स्थान पर व्हिग पार्टी का समर्थन किया था।