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अमेरिका: ऊबर ने स्टार्ट अप को सौंपा सेल्फ ड्राइविंग कार प्रोजेक्ट
Wed, 09 Dec 2020 06:13 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, सेन फ्रांसिस्को
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, सेन फ्रांसिस्को
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 09 Dec 2020 06:13 AM IST
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सेल्फ ड्राइविंग कारें सड़कों पर उतारने के लिए शोध पर करोड़ों रुपये खर्च करने और कई कानूनी विवाद झेलने के बाद विश्व की प्रमुख ऑनलाइन कैब बुकिंग कंपनी ऊबर ने प्रोजेक्ट एक स्टार्ट अप को सौंप अपनी जान छुड़ाई है।
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ऊबर इस स्टार्ट अप में 40 करोड़ डॉलर यानी करीब तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश भी करेगी। इसे प्रोजेक्ट से मुक्ति पाने के लिए चुकाई गई कीमत के तौर पर देखा जा रहा है। इस स्टार्ट अप अरौरा द्वारा विकसित तकनीक पर लाइसेंस ऊबर लेगा।
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मानव चालक रहित कार के सपने का झटका
ऊबर ने निकट भविष्य में मानव चालक रहित कारों को उतारने की घोषणा करते हुए 2015 में अध्ययनकर्ताओं और 1200 कर्मचारियों के साथ प्रोजेक्ट शुरू किया था। एआई और मशीन लर्निंग से इन कारों द्वारा बिना मानव चालक के खुद ही चलने और सड़क हादसों को कम करने के दावे भी किए गए थे। ऐसे में उसके इस कदम से मानव चालक रहित कारों की तकनीक और महत्वाकांक्षी सपने को झटका लगा है।
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दो प्रमुख वजह
गूगल से विवाद :
2016 में ऊबर ने खुद चलने वाले ट्रक बना रहे एक स्टार्टअप ओटो से पांच हजार करोड़ रुपये का समझौता किया। ओटो पूर्व में गूगल के लिए इसी तकनीक पर काम कर चुका था, ऐसे में गूगल के साथ जुड़ी कंपनी वेमो ने 2017 में ऊबर व ओटो पर कारोबारी राज चुराने पर मुकदमा किया। ऊबर को कोर्ट के बाहर समझौता करना पड़ा। इसमें ऊबर ने अपनी कंपनी में गूगल को 531 करोड़ की हिस्सेदारी दी। वहीं ओटो के संस्थापक एंथनी लेवदोवस्की को 18 महीने की जेल भी हुई।
सड़क हादसे :
मार्च 2018 में एरिजोना में ऊबर की एक कार में सेल्फ ड्राइविंग मोड में चलते समय आपातकालीन ब्रेक नहीं लगा और उसने पैदल चल रही एक महिला को रौंद दिया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। सरकार ने जांच करवाई जिसमें कार के ऑटोमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम फेल होने की बात सामने आई। कई अन्य कंपनियों द्वारा किए जा रहे शोध में भी ऐसी कारों से हुए हादसों में भारी हर्जाना चुकाना पड़ा।