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यूएई में मुस्लिमों को शराब पीने की छूट, लिव-इन में रहने की अनुमति
Mon, 09 Nov 2020 12:22 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 09 Nov 2020 12:22 PM IST
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Dubai
- फोटो : Pixabay
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संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले मुस्लिमों को अब कई तरह की रियायतें मिलने वाली हैं। यूएई ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस्लामिक पर्सनल लॉ में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिसके तहत मुस्लिमों को शराब पीने पर लगे प्रतिबंधों से छुटकारा मिलेगा।
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इन नए बदलावों के तहत अब शादी से पहले प्रेमी जोड़े को लिव-इन में रहने की इजाजत होगी। इसके अलावा ऑनर किलिंग को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इन बदलावों के साथ अमेरिका की मध्यस्थता में एक अन्य महत्पूर्ण घोषणा की गई है, जिसके तहत यूएई और इजराइल के बीच संबंधों में सुधार के लिए कोशिशें की जाएंगी।
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इससे इजराइली पर्यटकों का यूएई में आना-जाना बढ़ेगा और यूएई में निवेश के रास्ते और खुलेंगे। शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात में जिन बदलावों का एलान किया गया, उसमें मुख्य तौर पर शऱाब पीने पर लगे प्रतिबंधों में ढिलाई देना है। अब 21 साल या उससे ऊपर के किसी शख्स पर शराब बेचने, खरीदने या पीने के लिए फाइन नहीं लगेगा।
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इससे पहले लोगों को शराब पीेने, रखने, खरीदने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था। नए नियमों के तहत जिन मुस्लिमों पर शराब पीने के प्रतिबंध लगाए हुए थे, उन्हें भी छूट दे दी गई है। हालांकि 21 साल से कम उम्र वाले लोगों को शराब बेचने पर पाबंदी होगी।
इसके अलावा बदलते वक्त को देखते हुए लिव इन रिलेशनशिप को अपनाया गया है। बिना शादी के प्रेमी जोड़ों को आसानी से साथ रहने की आजादी दी गई है। यूएई में इसके लिए लंबे समय से सजा मिलती रही है क्योंकि यह अपराध की श्रेणी में रखा जाता था।
यूएई सरकार ने उन कानूनों में बड़े बदलाव किए हैं, जिनके तहत ऑनर किलिंग जैसे अपराधों को संरक्षण मिलता था। पुराने कानून के तहत कोई शख्स किसी महिला रिश्तेदार पर हमला करने के बाद सिर्फ इसलिए बच जाता था कि अगर वो यह साबित करने में सक्षम हो जाए कि वह महिला घर के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही थी।