वर्ष 2011 के बाद नासा ने पहली बार अमेरिका की धरती से लॉन्च किया मानव अंतरिक्ष यान
- भारतीय समय के अनुसार स्पेसएक्स के रॉकेट ने शनिवार रात करीब 1 बजे उड़ान भरी
- 21 जुलाई 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजा गया है
- स्पेसएक्स अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तेज तूफान और खराब मौसम की संभावना के बीच नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए ऐतिहासिक उड़ान भरी। भारतीय समयानुसार करीब दो बजे नासा के दोनों अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले नाम के दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने इस अभियान के लिए उड़ान भर कर इतिहास रच दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने जताई प्रसन्नता
- राष्ट्रपति ट्रंप ने मानव अंतरिक्ष यान के लॉन्च होने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैं यह घोषणा करते हुए काफी प्रसन्न हूं कि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल सफलतापूर्वक पृथ्वी की आंतरिक कक्षा में पहुंच गया है और हमारे अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित और स्वस्थ हैं। इसी के साथ इस दशक में जो भी समय व्यर्थ हुआ, उसकी पूर्ति हो गई। अब अमेरिकी महत्वाकांक्षा का यह एक नया युग शुरू हो गया है।
क्रू ड्रैगन फॉल्कन-9 के दूसरे चरण से अलग
- क्रू ड्रैगन फॉल्कन-9 के दूसरे चरण से अलग हो गया है। रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते पर हैं। क्रू ड्रैगन 31 मई सुबह 10:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ना शुरू हो जाएगा।
Crew Dragon has separated from Falcon 9’s second stage and is on its way to the International Space Station with Robert Behnken and Douglas Hurley. Autonomous docking at the International Space Station will occur at 10:30 am EDT, May 31: SpaceX https://t.co/E7dDOOfKOQ pic.twitter.com/cfoAr0D5uw
— ANI (@ANI) May 30, 2020
मुख्य इंजन अलग, दूसरे चरण के इंजन शुरू
- मुख्य इंजन अलग होने और पृथक्करण की प्रक्रिया की पुष्टि की गई। अब दूसरे चरण के लिए इंजन चलना शुरू हुआ है। -स्पेसएक्स
स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट ने उड़ान भरी
- स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान में सवार दो अंतरिक्ष यात्रियों रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ले को लेकर उड़ान भरी। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) इस अभियान में शामिल हैं।
#WATCH SpaceX Falcon 9 rocket takes off with the SpaceX Crew Dragon spacecraft for International Space Station, with 2 NASA astronauts – Robert Behnken and Douglas Hurley. pic.twitter.com/83aXfAtK1d
— ANI (@ANI) May 30, 2020
रॉकेट में ईंधन भरना शुरू
- नासा के स्पेसएक्स डेमो-2 मिशन को लॉन्च करने से पहले उसके रॉकेट में ईंधन के रूप में तरल ऑक्सीजन भरना शुरू किया गया।
कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे राष्ट्रपति ट्रंप
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिशन की लॉन्चिंग के दौरान फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर पहुंचे। समाचार एजेंसी एएनआई ने एएफपी के हवाले से यह जानकारी दी।
US President Donald Trump arrives at Kennedy Space Center in Florida for the launch of NASA’s SpaceX Demo-2 mission carrying NASA Astronauts to International Space Station: AFP news agency https://t.co/39aFrsZgdD
— ANI (@ANI) May 30, 2020
कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्चिंग
- फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से नासा का स्पेसएक्स डेमो-2 मिशन लॉन्च होगा।
लॉन्च में मौसम ने दिया साथ
- लॉन्च के लिए 'अच्छा' मौसम, नासा का स्पेसएक्स डेमो-2 मिशन दोपहर 3:22 बजे उड़ान भरने को तैयार।
नासा का पहला मानव अंतरिक्ष यान
अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्पेसक्राफ्ट को नासा के सबसे भरोसेमंद 270-फुट फॉल्कन-9 के जरिए प्रक्षेपित किया गया। यह पहला मौका है जब किसी निजी कंपनी के माध्यम से स्पेस में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा गया। इस मिशन का नाम ‘क्रू डेमो-2’ और स्पेसक्राफ्ट का नाम ‘क्री ड्रैगन’ है। गौरतलब है कि एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स नासा के साथ मिलकर भविष्य के लिए कई अंतरिक्ष मिशन पर काम कर रही है।
यह नासा का पहला मानव अंतरिक्ष यान है जो लगभग एक दशक में अमेरिका की मिट्टी से लॉन्च किया गया। 2011 में अंतरिक्ष शटल को सेवानिवृत्त किए जाने के बाद से नासा अपने अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन पर ले जाने के लिए रूसी अंतरिक्ष यान के भरोसे रहता है जिसे कजाकिस्तान से प्रक्षेपित किया जाता है।
इसकी वजह से अमेरिका पर पैसों का भी भारी दबाव रहता है। यही कारण है कि अमेरिका ने एलन मस्क की कंपनी को आर्थिक मदद देकर उसके स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।