US: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की जीत का आधिकारिक एलान, पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनाव के विजेता घोषित किए गए
अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया में ट्रंप ने मतदान के अगले दिन ही जीत हासिल कर ली थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा आज यानी सोमवार देर रात की गई। आज अमेरिकी संसद कैपिटल हिल के संयुक्त सत्र में इलेक्टोरल कॉलेज के वोट गिने गए। यह प्रक्रिया उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की अध्यक्षता में हुई।
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अमेरिकी कांग्रेस ने देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत को प्रमाणित कर 20 जनवरी को उनके पदभार ग्रहण करने का रास्ता साफ कर दिया है। कांग्रेस के संक्षिप्त समारोह में देश के 50 राज्यों और कोलंबिया जिले के चुनावी नतीजों को प्रमाणित किया गया। कांग्रेस की बैठक में प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों के सदस्य शामिल हुए। इस संयुक्त बैठक की अध्यक्षता उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने की जो अमेरिकी सीनेट की पदेन अध्यक्ष हैं। अभी सीनेट व प्रतिनिधिसभा, दोनों जगह रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। हर चार साल में होने वाला समारोह पिछली बार से भिन्न था।
दरअसल, अमेरिका में पिछले साल 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसमें ट्रंप को 312 इलेक्टोरल वोट्स और हैरिस को 226 इलेक्टोरल वोट्स मिले थे। चुनाव में बहुमत के लिए किसी प्रत्याशी को 270 इलेक्टोरल वोट्स की जरूरत होती है।
आज क्या हुआ?
अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया में ट्रंप ने मतदान के अगले दिन ही जीत हासिल कर ली थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा आज यानी सोमवार देर रात की गई। आज अमेरिकी संसद कैपिटल हिल के संयुक्त सत्र में इलेक्टोरल कॉलेज के वोट गिने गए। यह प्रक्रिया उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की अध्यक्षता में हुई। कमला हैरिस सीनेट की अध्यक्ष हैं। बैठक के बाद कमला हैरिस ने एलान किया कि ट्रंप 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के लिए भी ऐसी ही घोषणा की। हैरिस ने बताया कि ट्रंप के साथी ओहायो सीनेटर जेडी वेंस को 312 वोट मिले।
निर्वाचक मंडल या इलेक्टोरल कॉलेज क्या है?
अमेरिकी लोग वास्तव में सीधे तौर पर वोट नहीं देते कि वे किसे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। इसके बजाय वे निर्वाचकों (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) के लिए वोट करते हैं, जो राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पदों के लिए उनके द्वारा चुने गए उम्मीदवार का समर्थन करते हैं। पूरे अमेरिका में कुल 538 निर्वाचक हैं। इनमें से कांग्रेस के हर सदस्य के लिए एक और कोलंबिया जिले से तीन अतिरिक्त निर्वाचक होते हैं।
अमेरिका के 50 राज्यों में से सभी की जनसंख्या के आधार पर निर्वाचकों की संख्या तय होती है।उदाहरण के तौर पर कैलिफोर्निया राज्य को देखें तो इसकी जनसंख्या लगभग 4 करोड़ है और इसके पास इलेक्टोरल कॉलेज में 54 वोट हैं। वहीं नॉर्थ डकोटा की जनसंख्या लगभग 7.62 लाख है और इसके पास सिर्फ तीन वोट हैं। अधिकांश राज्यों में विनर-टेक-ऑल सिस्टम लागू होता है, इसलिए यदि कोई किसी राज्य में सबसे अधिक वोट जीतता है, तो उसे निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) के सभी वोट मिल जाते हैं। चार इलेक्टर वाले मेन और पांच इलेक्टर वाले नेब्रास्का दो ऐसे राज्य हैं, जो अपने इलेक्टोरल वोटों को इस आधार पर बांटते हैं कि हर उम्मीदवार को कितने सार्वजनिक वोट मिलते हैं।
270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति पद जीतता है। अगर किसी भी प्रत्याशी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो प्रतिनिधि सभा राष्ट्रपति का चुनाव कंटिंजेंट इलेक्शन के जरिए करती है। इसमें प्रतिनिधि तीन शीर्ष उम्मीदवारों के आधार पर राष्ट्रपति के लिए वोट करते हैं, लेकिन अमेरिका के पूरे इतिहास में ऐसा केवल तीन बार हुआ है और पिछली बार ऐसा होने के बाद से 200 साल से ज्यादा हो गए हैं।